अतृप्त आत्मा - भाग -1

Pratibha singh Rathore

अतृप्त आत्मा - भाग -1
(81)
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सारांश

यह एक अतृप्त , भटकती ईर्ष्या की आग में जलती आत्मा की कहानी है जिसे मुक्ति नही मिल पाई ,
मोहन कुमार
कोई खास नहीं लगी
Virendra Kumar Verma
एक अच्छी रोचक और रोमांचक कथा
Vishal Sahu
क़बीर,नारी निंदा न करो नारी रतन की खान। नारी से ही उपजत नर,ध्रुव प्रह्लाद समान।।
VIKRANT kr singh
बहुत ही उम्दा कहानी
Santosh Kurrey
बेसब्री से इंतजार रहेगा आपकी कहानी के अगली अंक का
sapna
acha likha hi ....
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