अतृप्त आत्मा - भाग -1

Pratibha singh Rathore

अतृप्त आत्मा - भाग -1
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सारांश

यह एक अतृप्त , भटकती ईर्ष्या की आग में जलती आत्मा की कहानी है जिसे मुक्ति नही मिल पाई ,
Meraj Hasan
khani achi hai par aaj ke dour ke hishab se horrible nhi hai par aap ki soch achi hai aage ke liye all the best
मोहन कुमार
कोई खास नहीं लगी
Virendra Kumar Verma
एक अच्छी रोचक और रोमांचक कथा
Vishal Sahu
क़बीर,नारी निंदा न करो नारी रतन की खान। नारी से ही उपजत नर,ध्रुव प्रह्लाद समान।।
VIKRANT kr singh
बहुत ही उम्दा कहानी
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