अच्छा सुनो,

सचिन प्रजापति

अच्छा सुनो,
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पाठक संख्या − 35
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सारांश

यह कविता उन सभी लोगों के लिए समर्पित है जो किसी से इश्क करते हैं और वादे करते हैं लेकिन समय के साथ-साथ वह वादे अधूरे रह जाते हैं।
Garima Shakya
Nicely written ! 👍👌
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RAKSHA VERMA
Ha Puri jindgi Dil k kamre m rahna h..... Nice lines 👌👌👍
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