अघोरी का शाप (भाग 4)

क्षितिज जैन

अघोरी का शाप (भाग 4)
(28)
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सारांश

उस समय विजयपुरम पर महाराज शांतिवर्धन राज करते थे। उनमे आदर्श राजा के समस्त गुण थे। न्यायप्रिय होने के साथ साथ वे प्रजापालक, वीर, बुद्धिमान तथा साहसी थे। किन्तु एक जगह उनका विवेक तथा बुद्धिमत्ता मात ...
अनुपमा झुनझुनवाला
ओहहहह.....आखिरकार महाराज को राजकुमार का पता लग ही गया।अब देगते हैं कि आगे क्या होता है।बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रही है कहानी 👏👏👏👏
Neema Chaturvedi
aage ka bhaag kb tk likhenge aap .kahani rochakpurn hai injar rhega
bablendra sharma
क्रपया अगला भाग शीघ्र प्रकाशित करे।
Ambarish  Pandey
agla bhag kb ayega?
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