अगर वो दिख गया

शिशिर श्रीवास्तव

अगर वो दिख गया
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सारांश

मैं दिवार समझा उसे और थक कर टिक गया वो कमबख्त पर्दा निकला ओर मैं गिर गया कीमत तो बहुत थी ज़माने में मेरी भी लेकिन जो उसने किया सौदा तो मुफ़्त में ही बिक गया हसरते ऐसी भी कुछ ज्यादा ना थी फिर भी मिला ...
Neha Sharma
सुंदर रचना।शुभकामनाएं आपको। कृपया मेरी रचना मन बावरा पर अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया देकर अनुगृहित करें।
Vishnu Tatawat Rv
👌
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Sumedha Prakash
वाह वाह
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