काली व डारावनी रात

शालिनी खरे

काली व डारावनी रात
(27)
पाठक संख्या − 4242
पढ़िए
Amit Mishra
बकवास महा बकवास कहानी के नाम पर कुछ भी 👎👎👎👎👎
SUNIL DHAKA
बहुत अच्छी रचना
अंजलि खेर
शालिनी,,, कहानी बहुत ही प्यारी लिखी है तुमने
Raginee Gupta
आंखों के सामने चल चित्र सा, थोडा डर, लेकिन माता के दर्शन के बाद कुछ बुरा नहीं हो सकता ऐसा विश्वास तथा दूसरों की मदद से ईश्वर हमारी मदद करता है 👏👏बधाई👌👌
कल्पना भट्ट
वाकई परेशानी और डर का माहौल था । ईश्वर ने साथ दिया आपका । बहूत अच्छे से आपने आप बीती को लिखा है । हार्दिक बधाई शालिनी जी ।
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.