ऋषभ आदर्श
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

मैं कुछ भी लिखता हूँ... एक सुकून शब्दों में पाता हूँ.. हर्फ़ों के दरम्यान खुद को भुलाता हूँ... मैं यादों की स्याही में कलम डुबो कर... खुद को लिखता हूँ और उसे पढता हूँ.. मैं कुछ भी लिखता हूँ!!


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