रात और रास्ता

रीत शर्मा

रात और रास्ता
(63)
पाठक संख्या − 5592
पढ़िए

सारांश

यह किस्सा मैंने अपने बचपन मैं सुना था उस समय जो रोमांच और डर का एहसास हुआ था उसीको मैंने शब्दो मैं ढालने का प्रयास किया है
PU Nit
आपकी कोशिश सराहनीय है।
Shyam Singh
बहुत शुन्दर
Ashish Varma
Plot acha tha, isey aur daraavna bnaya ja skta tha..
Jyoti Sharma
बस कुछ भी लिख दो
Girwar Singh
बकवास लगी ये मजा नही आया
santosh
लगता है कि आप का नायक कोई भयानक सपना देख रहा था😂😂😂😂😂😂😂
Wasim Pathan
5 star
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.