रीत शर्मा
प्रकाशित साहित्य
13
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

कथा - कहानी सुनना हमेशा से ही मुझे पसंद  है।  चाहे बचपन मैं अपने दादा जी से सुनी परी कथाएं या दोस्तों से सुनी डरावनी कहानियाँ  मैं जहां भी गई उस जगह से जुड़ी कहानियां सदा मुझे आकार्षित करती रही  यह मेरा पहला प्रयास है लेखन का मैंने बहुत सी कहानियां लिखी जो मेरी डायरी मैं ही क़ैद है अब मैं उन्हें ला रही हूं आपके लिए  आशा है आपको पसंद आएगी 


निलेष

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