रहस्य

निशा पूरे 9 साल बाद नानी के घर आई थी ,
लेकिन यहाँ कुछ नही बदला था , , , , वही पुराने लोग , , , , कच्ची सड़के , , , , , , , घने जंगल , , , , , , , और वो जंगल के अंदर वाली गुफा , , , , सबका कहना था कि उसके अंदर एक घर है , , , जिसमे हर तरफ सांप भरे हुए है , , , और उसमे भयानक प्रेत आत्माओ का निवास है ।

गाँव में किसी की हिम्मत नही होती थी , , कि कोई गुफा क्या , , उस जंगल के पास से भी गुजर जाए ।

निशा हमेशा से उसके अंदर जाना चाहती थी । क्योकि उसे इन सब बातो में विश्वास नही था।

, , , , , उसे लगता था कि ये सब बस लोगो का अंधविश्वास है , , , जो पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता जा रहा था ।
इन लोगो ने वहाँ कुछ ऐसा छुपा रखा होगा जिसके बारे में ये लोग बाहर वालो को पता नही लगने देना चाहते , , इसीलिए ये सब अफवाह फैलाई हुई है ।

निशा ने कहानियों , उपन्यासों , और फिल्मो में देख रखा था कि जब किसी को , , , , किसी जगह पर  कुछ छुपाना होता है , , , तो वो उस जगह के बारे में ऐसे ही अफवाहें फ़ैला देते है ।

इस बार तो उसका कजिन अमन भी उसके साथ आया था । उसे अपनी खूरपातो को अंजाम देने के लिए एक साथी भी मिल गया था ।

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रात  हो चुकी थी , , ,
दोनो ने खाना खा लिया और सोने चले गए , , , लेकिन सिर्फ घर वालो की नजरो में ।

रात के करीब 10 बज  रहे होगे , , , सब सो गए ।
अमन और निशा ने टार्च और कैमरा लिया और  अपने कमरे से बाहर आए । उन्होने बरामदे का दरवाजा आराम से खोला और घर से बाहर निकल गए ।

हवाएं बहुत तेज चल रही थी , , ,रात के घने अंधेरे में हवाओ की , , सायं सांय , , , अपने आप में ही डरावना महौल बना रही थी । उल्लुओं और सियारों की कर्कश आवजे कानो में चुभ रही थी , , ,
रात का सन्नाटा भी अपने आप में बहुत कुछ समेटे हुआ था ।
पेड़ो की परछाई ऐसे लग रही थी , , , , , जैसे कई लोग हाथ बढ़ाए अब पकड़ने को आए , , , , तब पकड़ने को आए , , , , ,

शरीर में गलती से भी कुछ लग जाए तो अच्छे अच्छो की जान बाहर निकलने को हो जाए ।

अमन और निशा कच्चे रास्ते की तरफ बढ़ने लगे , , , , हर पल यही लग रहा था जैसे कोई पीछा कर रहा हो । दोनो के पसीने छूट रहे थे । तब भी दोनो आगे बढ़े जा रहे थे ।

अभी दोनो ने जंगल में प्रवेश भी नही किया था कि , , , , , , ,निशा को पीछे से आवाज सुनाई दी , ,, , , ,

बचाओ , , बचाओ मुझे भूत ने पकड़ लिया है , मुझे तेरे साथ आना ही चाहिए था ।  , , , ,
ये अमन था , ,  जिसका पैर किसी ने अचानक पीछे से पकड़ लिया था ।
, , , , , अरे तू पागल है क्या , , , भूत- वैगरह कुछ कुछ नही होता । थोड़ा नीचे झुक कर देख , , किसी चीज में तेरा पैर फंस गया होगा ।  , , तू किताबे पढ़ पढ़ के जादा ही कल्पनाओ में रहने लगा है ।
सच में अमन का पैर एक झाड़ी में फंस गया था , , ,
हाँ तू सच कह रही थी , , और दोनो हसते हुए आगे की ओर बढ़ने लगे , मैदान खत्म हुए गाँव भी पीछे , , , यूँ दूर दिखाई देने लगा ।
अब जंगल शुरू हो गया था , , , , ,

घनी झाड़ियां , हवाओं की वजह से डालियाँ आपस में टकरा रही थी ।  पत्तो की आवाज से ऐसे लग रहा था जैसे कई लोग तालिया बजा रहे हो , , , , पेड़ो में ऐसे झुरमुट बने हुए थे जिसे देखकर , , , किसी को भी , , पेड़ के ऊपर किसी के बैठे होने की शंका हो सकती थी , , , , हर पल उस झुरमुट को देखकर आभास हो रहा था जैसे ऊंची डाल पर बैठा कोई , , , हमें बुला रहा हो ।

हर पल किसी अनजान साए के साथ होने का एहसास हो रहा था , , , , , दोनो बार बार पीछे मुड़कर देखते और फिर से आगे बढ़ने लगते ।

अब दोनो तेजी से जंगल के अंदर बढ़ने लगे , , , , निशा ने कही से पता लगाया था कि , , , गुफा के पहले एक बहुत बड़ा , , , बरगद का खोखला पेड़ है , , ,, , , , ,  , जिसके पीछे ही गुफा का मुंह है, , ,  जो कि भारी औऱ मंत्रो से बंधे पत्थर से बंद किया गया है ।

उस खोखले पेड्के बारे में मान्यता थी कि वो 100 सालो से ऐसे खोखला ही है , , , फिर भी उस पेड़ को कुछ नही हुआ , , , , , ।

दोनो उस पेड़ के पास पहुचे ही थे कि अचानक निशा की टार्च जलने बुझने लगी और कुछ समय बाद बंद ही हो गई , , , चारो ओर सन्नटा था , , अमन तो ठिठुरा हुआ ही था लेकिन ' , , , ,

उस जंगल का भयावह दृश्य देखने के बाद निशा की हिम्मत भी टूट रही थी , , , , कुछ ही देर में अमन की टार्च भी बंद हो गई , अब तो दोनो की सिट्टी पिट्टी गुम थी ।

दोनो एक दूसरे को देख भी नही पा रहे थे , , , , तभी अचानक ऐसा लगा जैसे निशा को किसी ने पीछे की तरफ से अपनी ओर खीचा हो

अमन , , , क्या ये तुम हो , , ,
देखो मजाक मत करो , , , ये सही समय नही है मजाक करने का ।
अरे निशा तू पागल है क्या , , , मेरी हालत खुद खराब हुई पड़ी है , मै क्यूँ कोई मजाक करूंगा , , , मुझे तो अफसोस हो रहा है कि मै कैसे तेरी बातो में आकर यहाँ तक आ गया , , ,पता नही हम इस जंगल से बाहर निकल भी पाएंगे या नही ।

निशा  - अगर वो तू नही था तो मुझे पीछे से किसने खींचा ?

क्क्क्क कौन है मेरे पीछे ?





क्रमशः ...........

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