ये क्या हुआ पार्ट5

सत्येंद्र का चेहरा यूँ लग रहा था मानो किसी भी समय वो फूटफूट के रो पड़ेगा!!रजत भी बड़ी मुश्किल से अपने को कंट्रोल किये हुए था!!उफ्फ्फ!!आखिर ये सब क्या और क्यों हो रहा है??
तभी यश का कॉल आया...हैल्लो!तुम लोगों ने मोबाईल ले लिया न!!किसी ने देखा तो नही तुम दोनों को!!
रजत ने घबराये स्वर में कहा...मोबाईल तो तब लेते जब वो वहाँ होता!!
यश चीख़ते हुए बोला...क्या??मोबाईल नही मिला??अरे थोड़ा ध्यान से देखो!!वहीं बैग में ही होगा!!
रजत ने अब चिढ़ते हुए कहा...बैग ही तो नही है यहां पर और न ही शीना की बॉडी!!
अब तो यश के होश उड़ गए!!उसकी तो जैसे आवाज ही गुम हो गयी!!फिर किसी तरह कहा..ओह गॉड!!अब ये क्या हुआ!!कौन ले गया बैग और शीना को!!
रजत बोला..हम सत्येंद्र के घर पहुँच रहे हैं!!तुम भी वहीं आ जाओ!!
ओके!यश ने कहा....और फिर कॉल कट कर दी!!
किसी तरह रजत और सत्येंद्र घर पहुँचे तो रागिनी बैचेनी से कम्पाउंड में ही घूम रही थी!उनको देखते ही तुरंत पूछने लगी..सब ठीक से हो गया न!!मोबाईल उठाते समय देखा तो नही किसी और ने!!
सत्येंद्र बिना बोले अंदर चल दिया और रजत भी खामोशी से उसके पीछे हो लिया!!दोनों अंदर जा कर चुपचाप सोफे पर बैठ गए!!
रागिनी चिढ़ते हुए बोली..यूँ मौन क्यों हो गए आखिर दोनों!!कुछ बताते क्यों नही हो!!
सत्येंद्र ने रुआंसे स्वर में कहा...बताने जैसा है ही क्या अब!!सच मे हम तो बुरी तरह फँस चुके हैं इस जाल में!!
रजत धीमे से बोला...वहाँ न बैग मिला न मोबाईल न शीना की लाश!!सब गायब!!!
नहीईई!!!ये नही हो सकता...रागिनी चीख़ पड़ी!!ऐसे कैसे गायब हो सकती है लाश??वहीं कहीं होगी!!कोई जानवर खींच के ले गया होगा आसपास ही!!
नही नही!!ऐसा कुछ नही था वहाँ...रजत जोर देते हुए बोला!!और जानवर लाश ले जाता!!बैग और मोबाईल नही!
रागिनी एकदम से कांपने लगी...ओह भगवान!!अब तो पक्का हमारी मौत निश्चित है!!ये चक्रव्यूह अब जान ले कर ही हमे छोड़ेगा!!
सत्येंद्र ने रागिनी को धीरज बंधाते हुए कहा...प्लीज़ इस तरह से हिम्मत मत हारो तुम!!हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे!
तभी यश भी वहाँ आ गया!!उसके चेहरे पर भी मुर्दनी छाई हुई थी!!उसने कहा...अब??क्या सोचा फिर!!क्या करें हम!!
रजत बोलने ही वाला था कि डोरबेल बज उठी!!!सब एकदम चौंक पड़े!!फिर सत्येंद्र ने जा कर दरवाजा खोला तो एक लड़का जीन्स टी शर्ट में बाइक की चाबी लिए खड़ा मिला!!सत्येंद्र को देखते ही उसने हैल्लो!!कहा और बोला...मैं शीना का मंगेतर वरुण!!शीना अब तक अपने फ्लैट में नही आई है तो मुझे लगा कि वो आपके घर मे ही होगी शायद!!
सत्येंद्र ने अचकचाते हुए पूछा...पर आपको एड्रेस कैसे मिला मेरा!!किसने बताया!!
वरुण बोला...बताएगा कौन??बड़ी मुश्किल से पता किया शीना के ऑफिस जा के सिक्योरिटी गार्ड से!!
ओह्ह!!बट मैंने तो बताया था न कि शीना को गए यहाँ से बहुत देर हो गयी है!!वो तो कब की जा चुकी यहाँ से!!
तब तक रागिनी भी आ गयी वहाँ पर!!उसे देखते ही वरुण बोला...एक्सक्यूज मी!!क्या मुझे एक ग्लास पानी मिलेगा प्लीज!!
रागिनी एकदम से बोली....ओह प्लीज़ आप अंदर आइये न!
सत्येंद्र भी एकदम झेंप कर कहने लगा..आई एम सॉरी!!वो ध्यान नही रहा टेंशन में आपको अंदर बुलाने का!!
वरुण अंदर आ कर सोफे पर बैठ गया!उसे यूँ बैठा देख पता नही सत्येंद्र क्यों बैचेन सा होने लगा!!उसे डर लगने लगा कि कहीं वरुण को कुछ पता तो नही चल जायेगा!!
रागिनी ट्रे में सभी के लिए पानी और शर्बत ले आयी!!सबने गिलास ले कर पीना शुरू किया!!तभी एकदम सोफे पर बैठा वरुण उठ कर सोफे पर कुछ टटोलने लगा....ओह्ह!!ये तो शीना की हेयर क्लिप है!!मैंने ही उसे गिफ्ट दिया था ये!!क्रोकोडाइल क्लिप!!
रागिनी के हाथ से छलक गया शर्बत!!मन ही मन वो अपने को कोसने लगी कि क्यों नही उसने सोफे को ठीक से चेक किया!!फिर किसी तरह बोली....वो शीना ने उतार के रख दिये थे सोफे पर!!बाद में न उसे याद रहा न मुझे!!आप जब मिलेंगे उससे तो दे देना!!
ओह्ह श्योर!!वरुण बोला...ओके फिर मैं चलता हूँ!!देखता हूँ जा के उसके फ्लैट पर!!कहता हुआ वो उठ खड़ा हुआ जाने के लिए!!तभी उसकी मोबाईल रिंग बजने लगी...ओह शीना का कॉल!!!!वो बोला!!
ये सुनते ही हॉल में बैठे सब की जान मानो निकल ही गयी!
वरुण ने हैल्लो!!कहा लेकिन तभी कॉल कट हो गयी!!वरुण ने कॉल बैक किया पर नम्बर ऑउट ऑफ कवरेज बताने लगा!!
ओह्ह गॉड!शीना का मोबाइल तो कवरेज से बाहर बता रहा है!!इसका मतलब शायद वो अभी लिफ़्ट में होगी अपनी बिल्डिंग के!!चलो मैं चलता हूँ!!कह कर वरुण चल पड़ा वहाँ से अपनी बाइक पर!!
उसके जाते ही दरवाजा बंद कर रागिनी जोर जोर से साँस लेने लगी मानो अब तक उसका दम घुटा जा रहा था!!
ओफ्फ!!ये शीना के मोबाईल से कौन कॉल कर रहा था वरुण को यूँ अचानक...यश बोला!!
मेरी तो बस धड़कनें रुकने ही वालीं थीं..सत्येंद्र सीने पर हाथ रखते हुए कहने लगा!!
शाम होने वाली थी!!रजत ने कहा...चलो अब पैसों का इंतजाम किया जाए!!11 लाख जुटाने हैं हमें!!मेरे घर मे अभी तो बसस एक या डेढ़ लाख होगा!!
यश बोला..मेरे घर मे 2 लाख हैं पर वो रेनू ने रखे हैं सम्भाल कर!!अगर मैंने लिए तो वो पूछने लगेगी कि क्या काम आ पड़ा तुम्हे!!एटीम कॉर्ड से निकालूँ तो भी उसके मोबाईल में मैसेज आ जायेगा!!ज्वाइंट अकाउंट है हमारा!!इसलिए प्लीज़ मुझे माफ़ करना पर मैं फ़ायनेशियली तुम्हारी कोई हेल्प नही कर पाऊंगा!!
ओके ओके!!मैं कर लूंगा पैसों का अरेंजमेंट....सत्येंद्र रूखे स्वर में बोला!!पर उसे रखने तुम भी चलोगे कल रात !!
रागिनी रुआँसी हो कर बोली...पर वो शीना की लाश गयी किधर यूँ अचानक!!कौन ले गया उसे!!
काश हमें पता होता...रजत ने कहा!!पर अफसोस कि हम सिर्फ घर बैठ कर अनुमान ही लगा सकते हैं!!
तभी यश बोल पड़ा...प्लीज़ आप सब बुरा न मानिए पर मुझे अब घर जाना होगा!!शाम हो गयी है और रेनू के साथ गज़ल के प्रोग्राम में जाने का फिक्स है पहले से!!अब न गया तो रेनू के सवाल मुझे मार डालेंगे!!
रजत ने थोड़े तैश में कहा...पास तो हमारे पास भी है उस प्रोग्राम के!!पर समझ नही आ रहा कि इतनी दुविधा के बीच ग़ज़ल कैसे सुनी जाये!!
सत्येंद्र बोला...सॉरी यार रजत!!पर सच मे किसी प्रोग्राम में न जाया जाएगा अभी तो!!मन मे तो बसस वही सब घूम रहा है!
ओके!!यश बोला...इससे पहले कि रेनू यहाँ आ जाये,में चलता हूँ घर!!
तभी डोरबेल बजती है!!!ओह्ह रेनू आ गयी लगता है..कहता हुआ यश दरवाजा खोलता है!!और जैसे ही वो सामने देखता है.....वहीं चीख़  मारकर गिर जाता है!!सामने ही चादर में लिपटी शीना की लाश रखी थी!!!!
चीख़ सुनकर सब दौड़े चले आते हैं!!पर नजर सामने पड़ते ही उनके तो दिल ने मानो धड़कना ही बन्द कर दिया!!
फिर रजत ने किसी तरह साहस बटोर कर सबको सचेत किया..जल्दी!!जल्दी इसे अंदर छुपाओ!!किसी के आने से पहले ही!!
सब हड़बड़ाए से जल्दी से चादर समेत शीना की लाश उठाकर अंदर वॉशरूम में रख आएं!!!
हेभगवान !!अब ये नई मुसीबत कहां से आ पड़ी..सत्येंद्र बोला!!और सिर पकड़कर बैठ गया!!
नई मुसीबत किधर है दोस्त!!ये तो वही पुरानी है बस घूमफिर के फिर हमारे ऊपर आ गयी...यश भी निराशा भरे स्वर में बोला और तभी रेनू का मैसेज आया...जल्दी घर पहुँचों यश!
यश ने सत्येंद्र को सांत्वना देते हुए कहा...प्लीज़!!अब यूँ हिम्मत न छोड़ो !!कुछ न कुछ रास्ता मिल के रहेगा!!मैं घर जरूर जा रहा हूँ,पर इस प्रॉब्लम में तुम सबके साथ हूँ!!
वो घर चल दिया और इधर ये तीनों जी जान लगा के सोचने लगे कि अब शीना की लाश का करें क्या!!
रजत ने सोचते हुए कहा...अंधेरा हो चुका है!!अभी एकदम सही मौका है इसे ठिकाने लगाने के लिए!!
सत्येंद्र बोला..ओके!बट इस बार इसे दूर सुनसान खाड़ी में फेंक आते हैं!!मछलियां इसे खा लेंगी और कोई सबूत बाकि न रहेगा!!
रागिनी चिंतित हो बोल उठी...पर वो वरुण!!उसे तो पता है न शीना यहाँ आयी थी!!
रजत ने धीमे स्वर में कहा....तो हम कह देंगे कि वो यहां से दोपहर को ही चली गयी थी!!अब कहाँ गयी हमे क्या पता!
सत्येंद्र बोला..चलो अब जल्दी जाते हैं शीना की लाश को खाड़ी में फेंकने!!दूर जाना है तो टाईम लग जायेगा!!
रागिनी उठते हुए बोली...मैं भी चलूँगी!!यहाँ नही रुकने वाली अकेली!!
सत्येंद्र एकदम बोल पड़ा..नही नही!!अभी तुम घर पे ही रहो!!कभी वरुण वापिस आया तो उसे बातों में उलझाये रखना!!और हो सकता है उस ब्लैकमेलर का भी कोई लेटर आ जाये !!कहीं किसी और के हाथ मे पड़ गया तो??
रजत सहमति से सिर हिलाते हुए बोला...बिल्कुल ठीक!!किसी दूसरे ने लेटर देख लिया तो फिर फाँसी तो पक्की हमारी!!
रागिनी एकदम सहम गयी!!और बोली..ओके!पर तुम लोग जल्दी आ जाना प्लीज़!!
ओह्ह डियर!!!डोंट वरी!!हम बस काम खत्म कर तुरंत वापिस आ जाएंगे...सत्येंद्र ने कहा और बाहर चल पड़ा!!
उसने गाड़ी की डिक्की खोली फिर वापिस घर आ के रजत की सहायता से शीना की बॉडी उठाई और डिक्की में रख दी!
फिर रागिनी को बाय कर वो दोनों चल पड़े!!
बाहर रात हो गयी थी और अंधेरा पूरी तरह फैल चुका था!!सत्येंद्र तेजी से गाड़ी चलाता हुआ खाड़ी की ओर बढ़ रहा था!बीच बीच मे पीछे आने वाली गाड़ियों पर भी नजर रख रहा था कि कहीं कोई उनका पीछा तो नही कर रहा!!!
ट्रैफिक सिग्नल पर पुलिस को देख उनकी धड़कन बढ़ जाती कि कहीं ये लोग डिक्की की तलाशी न लें!!पर ऐसा कुछ न हुआ और आखिरकार वो लोग खाड़ी के पास पहुँच ही गए!!
जल्दी ही शीना की लाश डिक्की से निकाली और चादर सहित उसे खाड़ी के गहरे पानी मे फेंक दिया!!फिर तुरंत गाड़ी में सवार हो निकल पड़े वहाँ से!!
रात काफ़ी हो चुकी थी!!नींद,थकान और परेशानी ने सत्येंद्र और रजत को जकड़ लिया था!!रजत बोला...आज तो मैं अब तेरे ही घर रुक जाता हूँ यार!!बहुत ज्यादा थकान हो रही मुझे और नींद भी आ रही!!बस जल्दी से घर पहुँच नहा धो के चाय पी के सो जाते हैं!!
घर आते ही सत्येंद्र ने गाड़ी पार्क की और डोरबेल बजाने को हुआ कि उसने देखा दरवाजा बंद नही है पूरा!!ओह्ह!!वो बड़बड़ाया...ये रागिनी भी न एकदम लापरवाह हो गयी है!!
रजत पीछे आते हुए बोला..हो सकता है वो हमारी राह देख रही हो!!
दोनों हॉल में आ गए!!अंदर पूरी तरह अंधेरा था!!सत्येंद्र ने लाईट ऑन की और रागिनी को आवाज देने लगा....रागिनी कहाँ हो तुम!!!हम घर आ गए!!
पर रागिनी की कोई आवाज़ न आई तो वे दोनों बेडरूम में पहुँचे....देखा तो कोई नही!!!
ओह्ह ये रागिनी कहां चली गयी यूँ इस वक़्त!!!
रागिनी किधर गायब हो गयी थी??
शीना का क़ातिल कौन था??कौन इन्हें यूँ ब्लैकमेल कर रहा था???किसने शीना के नंबर से कॉल किया था!??
इन सभी सवालों के जवाब नेक्स्ट पार्ट में!!!!

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