प्रश्नचिन्ह--लघुकथा

एक बार फिर उसकी आंख खुल गयी, जून महीने की बेहद जला देने वाली गर्मी की दोपहर में कमरे में लेटे हुए वह तपिश से लड़ने का असफल प्रयास कर रही थी| तभी यह दूसरी बार हुआ कि बाहर से आते छोटे बच्चे के रोने की आवाज़ सुनकर उसकी आंख खुली| इतनी भयानक गर्मी में कौन बच्चा बाहर रो रहा है देखने के लिए उसने कमरे का दरवाज़ा धीरे से खोला, गर्म हवा के थपेड़े लगता था जैसे उसके इंतज़ार में ही बाहर थे.
बरामदे को पार करते हुए उसने मेन गेट खोला और बाहर झाँका, बाहर पेड़ की कमजोर छाया में दो बच्चियां एक छोटे से लड़के के साथ बैठी थीं| बड़ी बच्ची शायद आठ साल की और उससे छोटी लगभग छह साल की थी और बड़ी के गोद में एक बहुत छोटा बच्चा लेटा हुआ था जो शायद तीन चार महीने का ही था| लपक कर वह उनके पास पहुंची और पूछा "तुम लोग यहाँ क्यों बैठी हो और यह छोटा बच्चा किसका है"|
उसकी आवाज़ सुनकर छोटा बच्चा चुप हो गया और बड़ी लड़की ने कहा "यह हमारा भाई है"|
"लेकिन तुम लोग इसको यहां क्यों लेकर बैठी हो, इतनी गर्मी है और लू भी चल रही है”, उसने फिर पूछा|
"मम्मी हमको यहाँ बैठाकर गयी हैं, आएँगी तो हम लोग चले जायेंगे", बड़ी बच्ची ने बच्चे को झुलाते हुए कहा|
उसे समझ नहीं आया कि क्या करे, फिर उसने उनको कहा "तुम लोग अंदर चलो, छाये में बैठो"; और उनको लेकर वह गेट के अंदर बरामदे में आ गयी| अंदर जाकर आधा ग्लास दूध ले आयी और बड़ी बच्ची को पकड़ा दिया| दूध पीने के बाद उसने दो ग्लास पानी दिया और फिर वह उन दोनों के लिए भी कुछ खाने का ले आयी. खाना देने के बाद उसने पूछा "तुम्हारी मम्मी क्या करती है?
"कूड़ा बीनती है";, बड़ी बच्ची ने बताया|
"और पापा?
खाना खाते हुए बच्ची बोली "पापा कहीं चले गए हैं"|
वह इन बच्चो के बारे में सोचते हुए कुछ समय तक वहीँ बैठी रही, इतने में बड़ी बच्ची बोली कि मम्मी आ गयी और गेट खोलकर बाहर निकली|
उसने उसकी तरफ देखते हुए पूछा "इतनी गर्मी में इस छोटे बच्चे को ऐसे ही बाहर छोड़कर चली गयी थी?
उस औरत ने उसकी तरफ देखते हुए कहा "तो क्या करें, काम तो करना पड़ता है ना नहीं तो इनको रोटी कैसे खिलाऊंगी"|
उसने कहा "इतने बच्चे क्यों पैदा करती हो जब संभाल नहीं सकती इनको?
उस औरत ने उसकी तरफ देखा और कहा "अब इ लड़कियां बड़ी हो गयी हैं, इनको छोड़ देंगे, ये भी कूड़ा बीनेंगी और अपना खाएंगी पियेंगी"|
"अरे इतनी छोटी लड़कियों को तुम कैसे छोड़ दोगी, उनको कुछ हो गया तो?
उस औरत ने उसकी तरफ देखा और बोली "इतना ही फिकर है तो तुम ही रख लो इनको| हम भी इतने ही बड़े थे जब इस काम में लग गए थे", और उसने छोटा बच्चा अपनी गोद में लिया और निकल गयी| उसके पीछे पीछे दोनों लड़कियां भी उसके लिए एक बड़ा सा प्रश्नचिन्ह छोड़ती चली गयी|

hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.