ज़हर

दिया के जाने के बाद अनुराग ने जैसे ही जूस पिया, उसकी सांस अचानक तेज़ चलने लगी ।  उसे लगा जैसे किसी ने उसका गला दबा दिया हो ।  मुँह से सफ़ेद झाग निकला तो अनुराग भागता हुआ बाहर गया, माँ को आवाज़ लगाई ।
-"माँ !!
माँ!!देखो क्या हुआ है मुझे "

रागिनी  अपने कमरे से बाहर आयी तो देखा अनुराग ज़मीन पर पड़ा तड़प रहा था। उसने ड्राइवर को बुलाया और अनुराग को कार से हॉस्पिटल ले गयी। कुछ ही देर में सबको इन्फॉर्म कर दिया। अनुराग के चाचा चाची भी आ गए और बड़ी बहन नंदिनी भी ।  डॉ•  इमरजेंसी रूम में अनुराग का ट्रीटमेंट कर रहे थे और बाहर सारा परिवार आंसू बहा रहा था। देखने में तो सब बहुत दुखी लग रहे थे पर सबके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
सिस्टर ने आकर बताया की अनुराग को ज़हर दिया गया है तो सबके चेहरे सफ़ेद पड़ गए । 
रागिनी जानती थी की अनुराग को ज़हर घर वालो में से किसी ने दिया है।  बेटी नंदिनी को पिता की करोडो की प्रॉपर्टी और बिज़नेस में ज्यादा हक़ चाहिए था। हर बार इस बात को लेकर भाई बहन में झगड़ा होता।आज सुबह भी यही हुआ  और नंदिनी के जाने के कुछ देर बाद ही अनुराग की ये हालत  हो गयी  ज़रूर उसी ने ये सब किया होगा।

समने खड़े अनुराग के चाचा चाची दबी आवाज़ में बाते कर रहे थे। रागिनी को देखते ही चुप हो गए।  रागिनी को उन पर भी शक था, क्यूंकि अनुराग का खुले हाथ से, पैसे उड़ाना, देर रात तक घूमना, उसके चाचा को भी पसंद नहीं था, पर बड़े भाई के बेटे को रोकते कैसे। फॅमिली बिज़नेस में उसका भी हक़ था।  मन ही मन चाचा चाची दोनों अनुराग से नफरत करते पर ऊपर से बहुत प्यार जताते।  आज अनुराग के लिए जूस भी तो उसकी चाची ही रख कर आयी थी। ज़रूर ये इन लोगो ने किया होगा। 
रागिनी अपने विचारो में खोयी थी की ज़ोर ज़ोर से रोती हुई दिया वहाँ आ गयी।  वो रागिनी से लिपट कर बहुत रोई।
दिया और अनुराग का रिश्ता आज ही पक्का हुआ था। दोनों एक दूसरे को चाहते थे और रागिनी को भी दिया पसंद आयी तो उसने भी शादी की इजाज़त दे दी। कितने खुश थे दोनों साथ पता नहीं किसकी नज़र लग गयी उनकी खुशियों को।
रागिनी को यकीन था की दिया ही अनुराग को संभाल सकती है ।अनुराग थोड़ा लापरवाह लड़का था।पिता के जाने के बाद पैसे और आवारा दोस्तों के साथ ने उसे  बिगाड़ दिया था। पीने की आदत भी थी और कई लड़कियों से रिश्ता भी पर दिया का प्यार था की अनुराग अब शादी कर के सेटल होना चाहता था।
दिया के लगातार  बहते आंसू देख रागिनी सोचने लगी कितना प्यार करती है ये लड़की मेरे बेटे से।
तभी डॉ ने आकर बताया की अब अनुराग  ठीक है और उसे जल्दी ही रूम में शिफ्ट कर देंगे। रागिनी के चेहरे पर सुकून था।

दिया ने अपने आंसू पोछे और मन ही मन बोली - "इस बार तो तुम बच गए अनुराग, पर अगली बार नही। २ साल पहले जिस तरह तुमने मेरी दीदी की ज़िंदगी बर्बाद की थी, उसके लिए मैं तुम्हे कभी माफ़ नहीं करुँगी ।आज नहीं तो कल तुम्हे मरना ही होगा"।

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