ये घर देख रहें हैं आप पहले इस घर में खुशियाँ खेला करती थी .लेकिन आज ये घर बिल्कुल अकेला सा पड़ गया हैं .क्यूंकिइस घर के लोगों ने शायद इस घर को भुला दिया हैं आज इस घर में खुशियाँ लौटे १८ शाल हो चुके हैं .लकिन कहीं न कहींआज भी इस घर को उम्मीद हैं कि एक बार फिर इस घर में कोई ना कोई आये गा और विरान पड़े इस घर में खुशियाँ दुबारावापस आएंगी..

दिल्ली; दिल्ली को आप लोग दिल्लीवालों का शहर कह सकते हैं आप क्यूंकि दिल्लीवालों का दिल काफी बड़ा होता हैं ..

चलिए अब हम उन दो लोगों की बात करने जा रहें हैं ..जिनके राश्ते तो अलग हैं लेकिन मंजिल एक ही है ..

B.M.C COLLEGE 1ST YEAR ..

DELHI UNIVERSITY

राहुल; आज कॉलेज का पहला दिन था .जाहिर सी बात है लोगों की ज़िन्दगी में कुछ परिवर्तन आता हैं .स्कूल की ज़िन्दगी को छोड़कर कॉलेज की ज़िन्दगी में लोग कदम रखने जाते हैं .लेकिन राहुल के साथ ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता हैं क्यूंकि वहां पर इन जनाब को एक ख़ूबसूरत लड़की से प्यार हो जाता हैं .लड़की का नाम था प्रिया..

इन दो लोगों की मुलाकात बाकियों से थोडा हट कर होता है . ये लोग एक न्यूज़ पेपर के माध्यम से मिलते हैं .अब ये शिलशिला रोज़ होने लगता हैं .कभी प्रिया राहुल से न्यूज़ पेपर मांगती हैं तो कभी राहुल प्रिया से न्यूज़ पेपर मांगता हैं ऐसा लगता हैं इस पुरे कॉलेज में ये दोनों ही सिर्फ न्यूज़ पेपर लेकर आते हो .लेकिन ये लोग अभी तक दोस्त नहीं बन पाए थे .तभी अगले दिन इन को पता चलता ही कि कॉलेज की छुटी पड़ने वाली हैं .

राहुल ; लेकिन राहुल ने भी हर नहीं मानी .राहुल ने कहीं से इस लड़की का नाम सुन रखा था .तो फिर क्या एक दिन राहुल यूँ ही खली टाइम पाकर अपना लैपटॉप चला रहा था .तभी उस के दिमाग में ख्याल आया की क्यूँ न इस प्रिया नाम की लड़की को फेसबुक बार खोजा जाये .राहुल ने बिना वक़्त बर्बाद किये फेसबुक पर प्रिया वर्मा टाइप किया और सबसे पहले उसे प्रिया का नाम दिखाए दिया और उसने झट पट प्रिया को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया और उसके बाद बाद अपना लैपटॉप बंद करदिया .

प्रिया; प्रिया ने जैसे ही अपना फेसबुक खोला रिक्वेस्ट में राहुल का रिक्वेस्ट आया हुआ दिखा तो फिर क्या प्रिया ने भी बिना वक़त बर्बाद किए रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया . और एक्सेप्ट के साथ ही उसने एक मेसेज टाइप किया हेल्लो लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया .और फिर अगले दिन फिर प्रिया ने मेसेज टाइप किया मेसेज का रिपलाए तो कर दिया करों .

कॉलेज ; ये दोनों एक बार फिर कॉलेज में मिलते हैं और प्रिया न्यूज़ पेपर पढने के बहाने राहुल के पास आती हैं और धीरे से कहती हैं .मेसेज का जवाब भी देना होता है जनाब .राहुल कहता हैं कौन सा जवाब प्रिया कहती है मैंने आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लिया है .अच्छा

लेकिन एक बार इन दोनों की किश्मत एक बार फिर साथ नहीं देती है और एक बार फिर कॉलेज की छुटी होने की घोषणा होती हैं .

राहुल ; राहुल प्रिया अब क्या करेंगे तभी प्रिय कहती है कोई बात नहीं हम लोग फेसबुक पर बात कर लेंगे और फिर ये दोनों रोज़ आपस में बाते करना शुरु कर देते हैं .प्रिया से बाते करते करते पता ही नहीं चलता की कब सुबह हो जाती हैं और ये शिलशिला लगभग २० दिनों तक चलता है .इन २० दिनों में प्रिया से बाते करते करते कब राहुल को प्रिया से मोहब्बत हो जाती है .राहुल को खुद ही पता नहीं चलता .अब तो ऐसा हो गया था की अगर राहुल एक भी दिन प्रिया से बात न करे तो उसे किसी भी चीज़ में मन ही नहीं लगता था .२० दिनों के बाद एक बार फिर इनका कॉलेज खुलता है .जो लोग सिर्फ फेसबुक पर बाते करते थे .वो लोग आज पहली बार आमने सामने एक दुसरे से बात करेंगे .लेकिन उस दिन एक अजीब सी शांति थी इन दो लोगो के बिच वैसे राहुल प्रिय से घंटो फेसबुक पर बाते करता था .लेकिन आज उसने प्रिया को मेडिसिन भी कहकर नहीं बुलाया .कुछ देर के बाद प्रिया राहुल के पास आती हैं और कहती है नाराज़ हो क्या राहुल नहीं तो फिर बात क्यूँ नहीं कर रहे हो.तभी प्रिया राहुल को पीछे बुलाती है और कहती हैं देखो तुम मुझे मेडिसिन मत बुलाया करो .

कॉलेज ; आज कॉलेज का दूसरा दिन था .आज भी इन दोनों में बात नहीं हो पाई.राहुल अगर ऐसा ही चलता रहा तो कभी भी मैं प्रिया को अपने दिल की बात नहीं बता पाऊंगा .

कॉलेज ;आज कॉलेज का ३ दिन था .आज राहुल ये सोच कर आया था की वो प्रिया को अपने दिल की बात बता देगा लकिन वह प्रिया को बता नहीं पता हैं .आज पूरा एक महिना हो गया है राहुल को बात किया हुए.प्रिया ने अब राहुल से फेसबुक पर भी बात करना बंद किया हुए है .लेकिन राहुल हार नहीं मानती हैं .वह अपनी ओर से पूरी कोशिश करता है कि प्रिया उसे बात करे लेकिन कोई फायद नहीं होता है.ऐसा करते वक़्त राहुल को ये पता चल जाता है कि प्रिया शायद अब कभी राहुल से बात नहीं करेगी .

राहुल ;एक दिन राहुल प्रिया को कॉलेज कि गेट पर ही रोक लेता है .देखो प्रिया मैं बाकि लोगो कि तरह बिल्कुल भी नहीं हूँ कि मैं आपके पास आकर आपसे बात करूँगा .ये सब न करने के बजाए मैं सिर्फ आपसे बात करने कि कोशिश कर सकता हूँ .राहुल प्रिया से कहता हैं मैं सिर्फ एक बार तुमसे अकेले में मिलना चाहता हु .प्रिया कहती है बताओ कहा पर मिलना है.राहुल अपने कॉलेज कि पीछे [रविवार शाम ६ बजे] ठीक हैं न .अगले दिन प्रिया राहुल से मिलने आती है वो भी [ग्रीन साड़ी]पहन कर राहुल कहता है .इस साड़ी में भी काफी खूबसूरत लग रही हो .

प्रिया;प्रिया क्यूँ बुलाया है मुझे यहाँ पे

राहुल ; राहुल अपने घुटनों के बल बैठ कर हाथ में फूल लिए हुए प्रिया से कहता है क्या तुम मेरी वाइफ बनोगी क्या ;

प्रिया ; प्रिया बिल्कुल शांत खड़ी रहती है .

राहुल; राहुल क्या हुआ कुछ तो बोलो भी प्रिया .;

प्रिया ; प्रिया क्या बोलो मैं तुमने बोलने के लिए कुछ छोड़ा ही नहीं है ,देखो मैं तुमको पहले ही दिन से पसंद करती थी लेकिन .

राहुल; राहुल लेकिन क्या मेडिसिन .

प्रिया ; देखो मैं तुमसे एक वादा लेना चाहती हु मैं आशा करती हु कि तुम मुझे समझ सकोगे ..

प्रिया; राहुल अपनी ज़िन्दगी में भले ही तुम किसी और लड़की को अपना लेना लेकिन दिल में सिर्फ मेरा ही नाम रहने देना .तू शादी भले ही किसी और से कर लेना लेकिन हमेसा मुझे ही अपनी पत्नी मानना .

राहुल ; प्रिया पर ये सब तुम मुझे क्यूँ कह रही हो .

प्रिया ; ये लो खुद ही देख लो राहुल ये क्या है .मेरी शादी का कार्ड .वो शादी का कार्ड देकर वहां से चली जाती है और कहती है भूल जाओ मुझे .

राहुल ; अपने आप को भूल सकता हूँ लेकिन तुम्हे कभी नहीं भूल सकता

कॉलेज ; एक बार फिर दोनों मिलते हैं लेकिन इन दोनों के अब राश्ते अलग हो चुके है . कॉलेज का आज आखिरी दिन भी नजदीक आ चूका था .और प्रिया कि अब शादी हो चुकी थी .वो एक मशहूर एंकर बन चुकी थी .लेकिन राहुल अभी भी नौकरी खोज रहा होता है .

५ शाल बाद

राहुल ; जिस कंपनी में वह जब करता है .अचानक एक दिन वह पर आग लग जाती हैं .वह अपना कम छोड़ कर .अपने बॉस को बचना चले जाता हैं .

निखिल. वर्मा ; ऑफिस में आग लगने कि वजह से उनकी तबियत काफी बिगड़ जाती हैं .उसी वक़्त वह राहुल से एक वचन लेते हैं कि मेरे बाद तुम मेरी बेटी का ध्यान रखोगे एक दोस्त बनकर नहीं बल्कि एक पति बनकर राहुल को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या बोले कुछ तो बोलो बीटा तुम मेरी बेटी का एक पति कि तरह ध्यान रखोगे ना.

राहुल; अभी वो हाथ बढ़ने ही जा रहा होता ही कि निखिल वर्मा कि मौत हो जाती है.

निखिल वर्मा ; इनके मरने के २ शाल बाद राहुल इनका बिजनस एक नए शिरे से शुरू करता है .और जल्द ही राहुल एक बड़ा आदमी बन जाता है .एक दिन उसको पता चलता है कि उस घर कि नीलामी हो रही है जो कई शालो से बंद पड़ा है .उस घर को नीलामी में खरीद लेता है .वह अपनी पत्नी राधा को ये घर दिखने से पहले खुद अन्दर जाता है घर कि साफ सफाई करवाता हैं .उसे पता होता हैं कि इस घर के बेशमेंट में एक कमरा है .वह उस कमरे को अपने हिसाब से सजाता है .इस कमरे में सिर्फ प्रिया कि ही तस्वीर लगी रहती है .

राहुल ; जब वह उस कमरे को सजा रहा होता है तो प्रिया कि तस्वीर से कहता है देखो तुम्हारे जाने के बाद कितना कुछ बदल गया है .इन ७ शालों में न तो कभी सोया हूँ नहीं ही ठीक से खाना खाया है .सिर्फ इन ७ शालों में सिर्फ तुमको ही ढूढने कि कोशिश कि है कहा पर हो मेडिसिन

राहुल ; तुम तो मुझे अभी तक नहीं मिली हो लेकिन कोई बात नहीं मैं अपना वादा हमेशा निभाऊंगा .

कहा न दोस्ती कि है ज़िन्दगी के आखिरी शशं तक निभाता रहूँगा .

नौकर ; राहुल के पास फोन करता है .कहता है बीटा आपको रचना बेटी बुला रहीं हैं .

राहुल ; रचना मेरे बॉस कि बेटी और मेरी पत्नी है .पत्नी हा या नहीं लकिन मैं पूरा कोशिश करता हु कि इनको हमेशा खुश रखु .

राहुल ; देखा मेडिसिन मैंने तुमसे वादा किया था न कि मैं भले ही किसी और से शादी कर लू लेकिन इस दिल में सिर्फ तुम और सिर्फ तू ही हो.

प्रिया; प्रिया अपने बीते दिनों को याद करती हैं और राहुल के फोटोग्राफी के सामने खड़े होकर कहती हैं देखा राहुल मैं क्या बनना चाहती थी .लेकिन मेरे पति ने मुझे क्या बना दिया है .काश ये सब मैं तुमको देखा सकती या तुमको अपने लफ़्ज़ों से खुदा बयां कर सकती .चलो अब हम दोनों बाद में फिर कभी बात करेंगे अभी प्रभात का आने का वक़्त हो गया है.

प्रभात ; जैसे ही वह घर के अन्दर आता है वैसे ही वह प्रिया को गलियां और मरना शुरू कर देता है .

प्रभात ; कुछ देर बाद उसके दोस्त का फ़ोन आता है .वह कहता है कहा पर हो यार आओ मिलकर पार्टी करते है .प्रभात ठीक है .मैं अभी आता हु..

प्रिया ; जब प्रभात घर से चला जाता है तो रामू काका कहते है बीटा एक बात पूछ सकता हु .

प्रिया ; पूछिए न

रामू काका ; बीटा आप इतनी बड़ी एंकर हो और आपके पापा जज हैं फिर भी आप इस हैवान कि इतनी गलियां और मर सहती .अगर आप कहो तो मैं आपके फ्रेंड को सब कुछ बता दू क्या .वैसे भी आप ही कहती हैं न आप का फ्रेंड बहुत अच्छा है .तो फिर आज तक अपने उसे बात क्यूँ नहीं कि वो ता शहर का बहुत आमिर आदमी है.

प्रिया ;नहीं मैं उसे कुछ भी नहीं बता सकती .क्यूंकि मैंने अपने पापा को वचन दिया हुआ है कि चाहे मेरे साथ कुछ भी हो मैं राहुल या फिर अपने घर वालों को कभी कुछ भी नहीं बताऊँ .

रामू ;क्यूँ बेटी अगर ऐसा ही चलता रहा तो आपकी ज़िन्दगी बत से बत हो जएगी.

प्रिया ; कोई बात नही आप मेरी परवाह मत कोजिये क्यूंकि मैंने प्रभात को खुद चुना था न कि मेरे घर वालों ने .जो होगा अब मुझे ही झेलना है.;

रामू काका ; ठीक है बेटी जैसी आपकी मर्ज़ी लकिन इतना आप याद रखियें गा आपको मालकिन नहीं हमेसा एक बेटी ही मन है कुछ भी ज़रुरत पड़े तो आप मुझे बता दीजिये गा .

प्रिया ; ठीक है

प्रिया ; प्रिया राहुल के फोटो को एक बार फिर अपने अलमारी से निकली है और फिर बाते करने लग जाती है .राहुल तुमने ठीक ही कहा था .कोई भी कभी भी तुम्हारे जैसा हो ही नहीं सकता क्यूंकि तुम तो सबसे अलग हो .

प्रिया ;प्रिया सोचती हैं जब हम कॉलेज में साथ में पढ़ते थे तो तुमने मुझसे कहा था कि मुझ को तुम से अच्छा कोई और मिल ही नहीं सकता हैं

राहुल ; रात २ बजे चुपचाप अपने कमरे से निकल कर उस बेसमेंट में जाता हैं .वह उस कमरे कि कबड में से दारू कि बोतल निकलता है और फिर पीना शुरू कर देता है पिते पिते ही वह प्रिया कि फोटो से बाते

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