कुछ बातों को यूँ ही, मौन रहने दो ना!!!!

आँखों, आँखों में यूँ ही, निःशब्द कहने दो ना

मेरे प्रिय!!! अपने हृदय में,

निष्पाप, निश्चल, संघर्षरत, अनवरत

प्रेम का निर्झर बहने दो ना

स्वर्ण से दमकता प्रतिबिंब बनने के लिए

कुछ जीवन की पीड़ा भी सहने दो ना

कुछ बातों को यूँ ही मौन रहने दो ना!!!!!

hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.