उषा काल
उदित होता दिनकर ;
नीलाम्बर लालिमा लिए ;
पक्षियों का कलरव;
मंदिरों की घंटियों
की मधुर ध्वनि;
मनभावन वातावरण
शीतल पवन का स्पर्श
तन में तरंग;
मन में उमंग.
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मध्यान का समय
जीवन में गति;
चारों ओर गाडियों
का शोर;
उड़ता धुँआ और धूल;
अशांति का साम्राज्य.
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सायन्तिका का आगमन
लौटते घर को
क़दमों की आवाज;
शांत जल
टिमटिमाते तारों का समूह;
सुगन्धित समीर;
निशा - सुंदरी का
राजतिलक.

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