तेज बारिश से बिजली भी गुल हो गई थी,तभी अचानक दरवाजा किसी ने खटखटाया …

देखा तो मेरी बचपन की सहेली नीतू थी,सर से पैर तक भीगी हुई,

ओ नीतू आ अंदर आ,बहुत भीगी हो,पहले कपड़े देती हूँ, बदल लो…


उसकी आँखें लाल थी, चेहरा,

बेनूर था, मुझे कुछ ठीक हालात नही लग रहे थे,

कब आई खंडवा से? अभी बस से उतर कर तेरे पास ही सीधे आई …ok

सुबह से कुछ नही खाया है…कृपा plz कुछ खिला दे….?

मैंने उसे खाना दिया…उसने खाना शुरू किया आँखों से आँसू और मुँह में कौर.... …..मुझे बहुत अटपटा लग रहा था


उसको पलंग पर आराम करने का कह मैं किचन में गई.….तभी उसकी आवाज़ ने मुझे चौकाया….ये तू बाद में करना पहले मेरी सुन….ok कह में उसके सिरहाने बैठ गई….बोली सुन मैं तंग आ गई अब ज़िन्दगी से……?

क्यों…….? क्या हुआ तुझे…..बता मुझे

बोली-कृपा तुझे पता है ना मेरी शादी मेंटली डिस्टर्ब व्यक्ति से हुई है…उसके घर वाले कई ढोंगी बाबाओं के असीम भक्त है…पति तो कुछ करते नही न कमाते है..बस दिन भर कागज के टुकड़े करते है..और उनकी गिनते रहते है….

मैं सिलाई कर ,लोगों के यहॉ खाना बना कर घर चलाती हूँ

करीब साल भर से मेरी सास एक ढोंगी बाबा के कहने पर उनके साथ मुझे हर अमावस्या पर नर्मदा स्नान और वहाँ पूजा के लिए भेज रही है….

पहली बार मुझे जब भेजा तो मुझे डर नही था..सुखी जीवन के की चाह में मैंने पूजा के नाम पर मना नही किया…पर पूजा के नाम पर ले जा कर उसने मेरा शारीरिक शोषण किया.. कुछ ऐसे फ़ोटो लिए जिससे वो मुझे बदनाम करने की धमकी दे कर हर अमावस्या पर ले जाता है…और जब घर पहुँचती हूँ तो सासुजी से अपने पैर धुलवा कर मुझे पीने को विवश करता है….

आज भी अमावस्या है,वो ढोंगी कुछ देर को बस से उतारा तो इंदौर की बस में बैठ तेरे पास आ गई…

उसकी व्यथा सुन में परेशान हो गई।

नीतू तू रिलेक्स हो के सो जा…आश्वत हो वह कुछ देर में गहरी नींद में सो गई।

पर मुझ से नींद कोसों दूर थी. .

ये कैसा इलाज?ये कैसी पूजा?ये कैसा विश्वास?

क्या यही है अंधविश्वास? क्या यही फर्ज है बड़ो का….

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