ये बात तो साबित हो ही चुकी है कि सोशियल मीडिया ने दुनिया को बहुत ही छोटा कर दिया है सर्वेक्षण के अनुसार लोग अब सोशियल मीडिया पर ही सुख दुःख बांटने लगे हैं त्योहार की शुभकामनाएँ, शादी ब्याह के कार्ड़, चिठ्ठी पत्री सब सोशियल मीडिया पर ही होने लगा है
फेस बुक के जरिए लोग एक दूजे के करीब आने लगे हैं एक दूजे से प्रभावित होकर जीने लगे हैं
फेस बुक पर मित्रता की रिक्वेस्ट आप की प्रोफाइल देख कर की जाती है कुछ लोग आप की शेयर की गई विचार धारा से प्रभावित होकर जुड़ते हैं कुछ आप की प्रोफेशनल लाइफ को देख कर जुड़ते हैं कुछ समाज के हिसाब से जुड़ते हैं
कुछ लोग सिर्फ गुड़मोर्निग और वार त्योहार पर विश करते हैं कुछ अपनी छोटी मोटी बातें शेयर करते हैं किंतु कुछ लोग इतना जुड़ जाते हैं कि अपने सुख दुःख भी बाँटने लगते हैं
कुछ मित्र तो मेरे बच्चों की उम्र के है वे जब भी सलाह मांगते हैं या बात करते हैं तो मैं उन्हें हमेशा बेटा कह कर संबोधित करती हूँ जिससे उन्हें रिश्तों की अहमियत पता चले एवं भरोसा बने और अपनी दुविधा जल्दी बता सकें तथा जल्द ही उससे बाहर निकलने का रास्ता मिल जाये
मैं अक्षरा की दास्तान बयान कर रही हूँ उसके साहस को दाद देती हूँ उसने फेस बुक प्रोफाइल से प्रभावित होकर दोस्ती की, आनन फानन शादी कर ली, धोखा खा गई किंतु टूटी नहीं अपनी एनर्जी को चेनलाइज किया ,कानून की सहायता ली और कड़ी मेहनत व साहस के चलते सिविल सर्वेन्ट बन गई
मेरे पुलिस प्रोफेशन के चलते कालेज के स्टूडैंट एवं सिविल सर्विसिज की तैयारी करने वाले युवा ज्यादा जुड़े लड़कियों की रिक्वेस्ट का मैंने सदैव स्वागत किया अक्षरा भी इन में एक थी
फेस बुक पर मित्रता के बाद वह हर दिन मुझे गुड़मोर्निंग मेड़म कैसी आप मेसेज किया करती फिर बात करने का सिलसिला शुरू हुआ , फिर वाट्सअप और फिर धीरे धीरे उसने अपने सब जख्म अपने सब जज्बात बयान कर दिये और फिर जुड़ गया उससे एक अनोखा रिश्ता
मुझे याद है उस ने एक दिन मेसेज किया मेड़म मुझे बात करनी है मैं काॅल करूँ
यू मे काॅल पढ़कर उसने फोन किया हैलो मेड़म मैं अक्षरा मुझे आप से कुछ कहना है आई मीन सलाह लेनी है मैंने कहा अक्षरा अपने बारे में बताओ फिर सोचती हूँ क्या मदद कर सकती हूँ
अक्षरा ने जो सुनाया वो अप्रत्याशित नहीं था आज यंग जनरेशन से ऐसी भूलें जाने अंजाने हो रही हैं फेस बुक मित्रता के जरिए उसकी दोस्ती अमन से हुई अमन ने अपनी प्रोफाइल में अपना परिचय एम बी ए एच आर दिखाया और आई ए एस की तैयारी कर रहा ऐसा इम्प्रेशन दिया एक सी क्वालिफिकेशन एवं इरादा होने से दोनों में दोस्ती हुई दो चार बार मिले और माँ बाबू जी को बताये बगैर शादी जैसा महत्वपूर्ण निर्णय जल्दबाजी में ले लिया
अमन शातिर था दोस्तों से उधार लिया
अपने पिता के मकान पर लोन लिया और बैगलूर में फ्लैट लेकर रहने लगा अक्षरा सिविल सर्विस का फोर्म भरने की तैयारी करने लगी एक दिन बैंक से नोटिस आया अक्षरा ने देख कर रख दिया कुछ दिन बाद दो लोग आये कहां है छः महीने से धक्का खिला रहा है अपना उधार मांगने लगे अमन घर पर नहीं था अमन ने एक दिन बताया कि उसे टैल्को कंपनी में जाॅब मिल गई है अमन रोजाना ऑफिस का कह कर जाता दिन भर बाहर रहता शाम को घर आता
कभी तो नशा करके आता पूछने पर कहता मित्र का जन्म दिन था पिला दी कभी कहता मित्र की पदोन्नति हुई है पिला दी आते ही सो जाता कभी किताब हाथ में नहीं लेता धीरे धीरे बैंक के काम से बाहर जा रहा हूँ कह कर दो चार दिन घर से बाहर रहने लगा कभी कोई मित्र या रिश्तेदार उससे मिलने नहीं आया
फिर एक दिन एक लड़की आई वह अमन के बारे में पूछने लगी उसने बताया कि वह उसकी चचेरी बहन है उधार लिए रूपये लेने आई है अक्षरा को देखते ही बोली ये लड़का भी ना कितना फरेबी है तुम्हें भी फंसा लिया बी ए किया नहीं है प्रोफाइल में एम बी ए लिख कर लड़कियों को ठगता रहता है पड़ा होगा किसी दूसरी दोस्त के यहां सुनते ही अक्षरा भय से कांपने लगी अपनी मूर्खता पर पछताने लगी उसे आभास हुआ वो गलत व्यक्ति के साथ जुड़ गई है इतना कह वो रोने लगी मैड़म मैं क्या करूँ मुझे इस मुसीबत से निकलना है घर क्या मुंह लेकर वापस जाऊँ मेरे करियर का क्या होगा और फूट फूट कर रो पड़ी
मैंने उसे तसल्ली देते हुए कहा रोने से काम नहीं चलेगा तुम पढ़ीलिखी हो हिम्मत से काम लो यदि तुम्हें सचमुच बाहर आना है तो जैसा मैं समझा रही हूँ वैसे वैसे करती जाओ तुम सबसे पहले अमन का पुलिस वेरीफिकेशन कर वालो वो जाॅब करता है या नहीं उसका असल रूप क्या है रिकर्ड हाथ में आ जाएगा उसके बाद शीध्र सरकारी वकील से मिल कर फैमिली कोर्ट में डायवोर्स व धोखाधड़ी का केस करके चुपचाप इसके घर से निकल जाओ जाने से पहले पुलिस को इतला जरूर देना उसमें सारी बातें शादी, धोखा व डायवोर्स की अर्जी कोर्ट में लगा दी है उसका जिक्र कर देना
उसने ऐसा ही किया और अपनी एक अच्छी दोस्त जो बैंक में कार्यरत थी उससे सम्पर्क किया और दिल्ली पहुँच गई अक्षरा ने अपनी कहानी सुनाई और सिविल सर्विस की तैयारी का अपना इरादा बताया उमा अविवाहित थी और ये भी जानती थी कि अक्षरा को मदद की जरूरत है अतः उसे अपने साथ रख लिया
सिविल सर्विस के फोर्म निकले अक्षरा ने फोर्म भरा और जी जान से तैयारी करने लगी लगभग हर दिन वह मुझ से बातें करती अपनी पढ़ाई के बारे में बताती अपने पछतावे का बयान करती मेड़म माँ बाबू जी के सामने कैसे जाऊँ मिलने को मन करता है मैंने कहा पहले तुम कुछ बन जाओ उसके बाद माँ बाबू जी के पास जाना वो अवश्य ही माफ कर देंगे उसका हौसला बढ़ाते हुए मैं कहती तुम सिविल सर्विस पास करो मैं तुम्हारे साथ आऊँगी थैंक्स मेड़म
अमन ने उसे खूब ढूँढने की कोशिश की
पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर एक दिन कोर्ट से नोटिस आया इसके बाद भी अमन ने खूब हाथ पैर मारे लेकिन अक्षरा तक नहीं पहुंच सका
अक्षरा ने यू पी एस सी प्रिलिमस टेस्ट पास की मुझसे खुशी शेयर करते हुए उसकी आंखें खुशी से छलक पड़ी मैंने कहा तुम मेन परीक्षा भी पास करोगी मुझे पूरा विश्वास है आज से ही तैयारी में लग जाओ जी मेड़म थैंक्स
अक्षरा ने बताया था कि उसका परिवार जयपुर में है मैंने वहाँ के पी आई से
उनकी तहकीकात करवाई पता चला अच्छे लोग हैं माँ बाबू जी दोनों ही टीचर हैं अजीब संयोग निकला मेरे बहनोई भी उसी स्कूल में प्रिंसीपल थे जहाँ अक्षरा के माता पिता पढ़ा रहे थे मैंने अपने बहनोई को सारी बात बताई और उनसे जनरेशन गैप एवं माता पिता का युवा वर्ग के प्रति रवैया विषय पर लेक्चर रखने को कहा जिससे मेरी मुलाकात अक्षरा के मां पिता से हो सके
मेरी वार्ता से अक्षरा की माँ बहुत ही प्रभावित हुईं और चाय के वक्त मेरे पास आकर
अक्षरा को लेकर अपना दुख शेयर करने लगीं उन्हें अक्षरा के प्रति संवेदनशील होते देख अच्छा लगा आखिर वो माँ थी मैंने कतई ये आभास नहीं होने दिया कि मैं अक्षरा को जानती हूँ और ना ही अक्षरा को इस मुलाकात के बारे में बताया
आज सिविल सर्विसिज मेन का रिजल्ट घोषित हुआ और अक्षरा पास हो गई मैंने उसे बधाई देते हुए कहा तुमने कर दिखाया अब मंजिल दूर नहीं है थैंक्स मेड़म आप की प्रेरणा
सदैव मुझे मिली आपने मानसिक रूप से मुझे सहारा दिया उमा ने आर्थिक रूप से मैं आप दोनों का शुक्रिया अदा कैसे करूँ पगली ये तेरी कड़ी मेहनत का नतीजा है हम तो निमित्त मात्र हैं
इंटरव्यू के बाद फाइनल रिजल्ट में अक्षरा पास हो गई उसे इनकम टैक्स सर्विस अलौट हुई वो खुश थी ट्रेनिंग के लिए नागपुर चली आई ट्रेनिंग के दौरान अपने बैचमेट राहुल से दोस्ती हुई उसने मुझे बताया कि राहुल को अपने भूतकाल की सभी घटनाओं से अवगत कर दिया है
इसी दौरान उसके डायवोर्स का आर्ड़र भी पास हो गया अब वह कानूनन राहुल से शादी कर सकती थी राहुल अकेला था माता पिता बचपन में ही गुजर गये थे दोनों गाँव गये दादी का आशीर्वाद लिया और दादी के साथ जा कर कोर्ट में अपने बैचमेट की उपस्थिति में दोनों ने शादी कर ली
एक दिन डोरवैल बजी देखा सामने अक्षरा खड़ी थी पीछे राहुल वो पांव छूने झुकी मैंने उसे गले से लगा लिया दूसरे ही दिन हम जयपुर के लिए निकल पड़े अक्षरा के मां बाबूजी से मिलने के लिए उन्होंने हमारा भलिभांति स्वागत किया और अक्षरा को उसकी गलती के लिए माफी देते हुए नम आँखों से हृदय से लगा लिया और इस तरह अक्षरा के जीवन ने नया मोड़ ले लिया समय ने उसे उसके अपनों से मिला दिया अक्षरा की अच्छी व खुशहाल जिंदगी शुरू हो गई जिसकी वो हकदार थी समय पर सही निर्णय लेकर उसने अपने आपको साबित कर दिखाया उसकी इस अदा सेे मैं भी उसकी प्रशंसक बन गई एक अनोखा रिश्ता जुड़ गया है उससे
आज भी वो हर सुबह चाय की चुस्की लेते लेते अपनी खुशियाँ बांट लेती है और मेरी कुशल क्षेम जान लेती है ।।

hindi@pratilipi.com
+91 8604623871
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.