रिंकू !!! उठो बेटा ,,

देखो स्कूल जाने का टाइम हो गया - शालिनी ने रिंकू के सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा l ,

क्या मम्मा सोने दो न थोड़ी देर और - रिंकू ने आँखे मसलते हुए कहा और वापस सो गयी . शालिनी ने धीरे से रिंकू का कान पकड़ा और उठा दिया इस बार रिंकू थोड़ा चिढ़ गयी और मुँह बनाते हुए कहा - मम्मा !!! पापा को आने दो मैं उनसे आपकी शिकायत करुँगी ...

पापा की चमची , चलो उठो अब बाकि ड्रामा पापा के सामने करना - शालिनी ने रिंकू की नाक पकड़ के खींच दी और रिंकू खिलखिला कर है हस पड़ी

शालिनी ने रिंकू को नहलाया और फटाफट तैयार किया और नाश्ता बनाने किचन में चली गयी ,, रिंकू अपना बैग जमाने में लग गयी ...

आज शालिनी ने रिंकू का मनपसंद नाश्ता बनाया था , रिंकू को आलू के पराठे बहुत पसंद थे पराठे बनांते बनाते शालिनी अपने अतीत में चली गयी ,,

रिंकू शालिनी की इकलौती संतान थी शादी के बाद 4 साल तक बच्चे न होने के कारन शालिनी ने कितने ही डाक्टरों के चक्कर काटे थे , मंदिरो में पूजा पाठ किये , दूवाये मांगी चढ़ावे चढ़ाये लेकिन कोई फरक नहीं पड़ा ,, अब तो सास ससुर भी बात बात पर शालिनी को ताने मारने लगे थे / शालीनी बुरी तरह टूट गयी .. फिर एक दिन शालिनी के पति राजीव ने उसे

टेस्ट ट्यूब बेबी' के बारे में बताया ो जब राजीव शालिनी का साथ देने के लिए आगे आये तो शालिनी भी इंकार नहीं कर पायी और कुछ ही दिन में वो गर्भवति हो गयी सबकी ख़ुशी का ठिकान न रहा सास ससुर भी अब उसकी बहुत देखभाल करने लगे / सब बहुत खुश थे लेकिन ज्यादा खुशियों को भी अक्सर नजर लग जाती है ,, एक शाम जब शालिनी नहाकर बाथरूम से निकली के अचानक उसका पैर फिसल गया और वो पेट के बल गिर पड़ी और बेहोश हो गयी ,, घरवालो ने उसे अस्पताल पहुंचाया और जब डाक्टर ने रिपोर्ट दी तो सबके होश उड़ गए ,, रिपोर्ट में लिखा था बच्चा ठीक है लेकिन इस बच्चे के जन्म के बाद शालिनी दोबारा कभी माँ नहीं बन पायेगी ,, राजीव बच्चो की तरह रोने लगे थे उस वक्त सबने शालिनी को हिम्मत दी और फिर कुछ दिन बाद रिंकू का जन्म हुआ ,, घर में फिर से खुशिया आ गयी इसी बिच राजीव को दिल्ली में नौकरी मिल गयी और राजीव शालीन और अपनी नन्ही पारी के साथ दिल्ली आ गया ,,

मम्मा जल्दी करो देर हो रही है - अचानक रिंकू की आवाज ने शालिनी की तन्द्रा भंग की , शालिनी अपने अतीत से बाहर आयी और दोडकर नाश्ते की प्लेट लेकर बाहर आयी और रिंकू की टेबल पर रख दी ,, शालिनी अब भी खोयी हुयी सी लग रही थी

मम्मा क्या हुआ आपको कहा खो गए आप प्लीज़ मेरे बाल बना दो न देखो कितना लेट हो गया है - रिंकू ने पराठा ठूसते हुए कहा /

शालिनी रिंकू के बाल बनाने लगी और एक बार फिर सोच म डुब गयी .. 6 महीने की थी रिंकू जब शालिनी ओर राजीव उसे इस घर म लाये थे वक्त कितनी जल्दी गुजर जाता है आज रिंकू ७ साल की हो चुकी है और स्कूल भी जाने लगी है ,, शालिनी रिंकू को वो हर ख़ुशी हर सुख देना चाहती थी जिस सुख से शालिनी खुद वंचित रही .. शालिनी की नजर दिवार पर लगी घड़ी पर पड़ी 8 बज चुके थे शालिनी रिंकू का बैग और टिफिन उठाये रिंकू के साथ बाहर आयी थोड़ी देर बाद बस आ गए शालिनी रिंकू को स्कूल बस में बिठाकर वापस घर आ गयी और काम निपटाने लगी ,,,

दोपहर बाद रिंकू स्कूल से चहकते हुए घर आयी ,, आ रिंकू बहुत खुश लग रही थी आते ही शालिनी के गले में बाहे डाल कर बोली - मम्मा कल हमारे स्कूल में ड्रेस compition है और मैंने भी उसमे भाग लिए है .

अरे !!! वाह मेरी गुड़िया बड़ी हो गयी है ,, कल मेरे बच्चे को मैं खुद सुन्दर सी तैयार करके भेजूंगी - शालिनी ने उसको जो में उठा लिया ... शाम को दोनों मार्किट गयी और रिंकू क लिए सुन्दर सुन्दर ड्रेस लेकर आयी दूसरे दिन रिंकू सुबह जल्दी ही उठ गयी और नहाकर आ गयी

मम्मा जल्दी से ड्रेस पहना दो वरना देर हो जाएगी - रिंकू ने कूदते हुए कहा

शालिनी ने रिंकू को ड्रेस पहनाया बालो को भी सवार दिया और तैयार करके स्कूल बस म छोड़ आयी .. शालीन अपन रोजमर्रा के कामो में लग गयी वो नहीं जानती थी की आजका दी उसके जिंदगी का सबसे बुरा दीन होगा .. रिंकू जैसे ही स्कूल पहुंची उसे याद आया वो अपना बैग और टिफिन तो बस म ही भूल गयी वो दौड़कर वापस आयी लेकि स्कूल बस तो जा चुकी थी रिंकू बस के पीछे भी दौड़ी पर बस जा चुकी थी ,, रिंकू स्कूल से थोड़ दूर आ गयी थी जैसे ही वापस जाने क लिए मुड़ी उसे डर लगने लगा उसने देखा आस पास कोई नहीं था ,, वो स्कूल की तरफ जाने लगी तभी उसे किसी ने आवाज दी रिंकू न मुड़कर देखा तो वहा दो बड़े लड़के खड़े थे उनकी उम्र यही कोई 20-22 साल होगी ,, रिकु रुक गयी उनमे से एक लड़का रिंकू के पास आया और कहा - बेटा !! तुम्हारे पापा वहा तुम्हे बुला रहे है और आप यहाँ घूम रहे हो ..

पापा !!! पापा जरूर मेरा टिफिन और बैग देंने आये होंगे ,, भैया कहा है मेरे पापा ? - रिंकू ने उस लड़के की बात पर भरोसा कर लिया और उसके साथ चल पड़ी कहते है बच्चो का मन साफ होता है वो किसी पर भी भरोसा कर लेते है रिंकू ने भी

वही किया पापा का नाम सुनते ही वो सबकुछ भूल कर लड़को के साथ चल पड़ी , दोनों लड़के उसे सुनसान जगह ले गए और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे .. रिंकू को अजीब सा लगने लगा , वो वह जाने लगी इतने में ही एक लड़के ने उसको पकड़ लिए रिंकू रोनेलगी तभी दूसरे लड़के ने एक जोर का चांटा रिंकू क गाल पर मारा ,, थप्पड़ इतना जोर का था की उसके मुँह से खुन निकलने लगा , रिंकू उनसे जाने की विनती करती रही लेकि दोनों लड़को ने उसकी बात को ध्यान नहीं दिया और धक्का देकर उसे जमी पर गिरा दिया , उसके बाद दोनों एक एक करके रिंकू के शरीर को जानवरो की तरह नोचते रहे ,, रिंकू दर्द से तड़पती रही चिल्लाती रही लेकि उस मासूम की चीखे सुनने वाला कोई नहीं था वह पर ,, वहशीपन काफी देर चला रिंकू को कई गहरी चोटे आयी ,, दरिंदो ने उसकी उम्र भी न देखि उसे जख्मी कर दिया और रिंकू खून से लथपथ हो चुकी थी ,,, और जा उस मासुम से वो सब सहन नही हो सका तो वो बेहोश हो गयी ,, दोनों लड़के घबरा गए और सोचन लगे की क्या किया जए उनम से एक ने pas रखी शराब की बोतल रिंकू के मुँह में उड़ेल दी और वह से भाग गए ,,


सुबह से दोपहर , दोपहर से शाम हो गयी लेकिन रिंकू घर नहीं पहुंची ,, शालिनी को चिंता होने लगी उसने स्कूल में फोन की तो पता चला रिंकू तो आज स्कूल आयी ही नहीं , शालिनी का दिल और घबराने लगा , उसने राजीव को फोन किया राजीव घर आया और दोनों रिंकू को ढूंढने लगे हर जगह तलाश की लेकिन रिंकू नहीं मिली ,, अब तो शालिनी क रो रोकर बुर हाल था साडी रात वो रिंकू की राह देखती रही ,अब तो राजीव् के सबर का बांध भी टूट चूका था , राजीव शालिनी को लेकर पुलिस स्टेशन गया और रिपोर्ट लिखवाई ,, पुलिस ने उन्हें हिम्मत बँधायी और कहा के व उनकी रिंकू को ढूंढ देंगे .. राजीव और शालिनी घर लोट आये पुलिस ने भी रिंकू को ढूँढना शुरू कर दिया तभी उन्हें खबर मिली के स्कूल के पास वाले जंगल में एक छोटी बच्ची घायल पड़ी है , य बच्ची रिंकू है ये सोचकर पुलिस ने राजीव और शालिनी को भी वह बुला लिया ,, शालिनी ने जैसे ही उस बच्ची को देखा उसक चीख निकल गयी ये उसकी रिंकू ही थी ,, राजीव भी गिर पड़ा उनकी बच्ची के साथ ये की हो गया था दोनों ही नहीं समझ पाए ,,, पुलिस को समझते देर न लगी की रिंक के सात कोई हादसा हुआ है ,, उसे तुरंत हॉस्पिटल भेज दिया गया .. रिपोर्ट आने पर पता चला रिंकू के जखम काफी गहरे है .. दरिंदो ने उसक साथ अपनी सारी हदे पार कर दी थी ,, शालिनी को अब भी यकीं नहीं आ rha था की ये सब कैसे हो गया राजीव और शालीन दोनों को ही ये अहसास था के उनकी बेटी किस दर्द से गुजर रही है ,,, दो दीन बाद रिंकू को होश आया

ममममा - उसकी आवाज में दरद था /

मम्मा मुझे क्या हुआ ,, आप रो क्यों रही हो , हम यह क्यों आये है , /? उसने एक साथ कई सवाल कर डाले

बेटा कुछ नहीं हुआ - शालिनी ने अपने आंसुओ को पोछते हुए कहा

मम्मा निचे बहुत दर्द हो रहां है , - अचानक रिंकू रोने लगी

शालिनी ने उसे सीने से लग लिया और खुद भी जोर जोर से रोने लगी राजीव से ये सब देखा नहीं गया वो बाहर आ गया ..और dr. से मिला

देखिये घाव बहुत गहरे है , रिंकू का ओप्रशन करना पड़ेगा जिसमे उसमे बचने क चांस बहुत कम है - डॉक्टर ने निराश होकर कहा .

डॉक्टर साहब आप कैसे भी करके मेरी बेटी को बचा लिजीये प्लीज़ - राजीव रोने लगा ..

हम पूरी कोशिश करेंगे - डॉक्टर ने कहा और चला गया


पूरी रात शालिनी रिंकु के साथ ही रही कभ कभी रिंकू जग जाती और रोने लगती ,, जो दर्द उसे मिला वो सहना बहुत मुश्किल हो रहा था ,, इधर राजीव न मामले को कोर्ट ले गया ल दोनों लड़के बड़े बाप की औलाद थे इसलिए कोई भी राजीव का केस लेने को तैयार नहीं हुआ ,, दो दीन बाद कोर्ट की सुनवाई थी राजीव बहुत परेशान था समझ नहीं आ रहा था की क्या करे हॉस्पिटल पंहुचा तो पता चला की दो दिन बाद ही रिंकू का ओप्रशन है राजीव वही बैंच पर बेथ गया

शालिनी उसके पास आयी और उसका हाथ अपने हाथ में लिया

राजीव जानती हु ये वक्त हमारे लिए बहुत मुश्किल घडी है ,, लेकि अगर हमने उन लोगो को जिन्होंने हमारी बेटी को इतना दरद दिया उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया तो हमारी बेटी हमे कभी माफ़ नहीं करेगी ,, हम ऐसे हिम्मत हार नहीं सकते राजीव ..

लेकिन हम कर भी क्या सकते है शालू !!! शहर का कोई भी वकील उन लोगो के खिलाफ केस लडने को तैयार नहीं है .. - राजीव रोने लगा

किसी के केस न लड़ने से क्या हमारी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा अगर कोई नहीं तो मैं खुद अपनी बेटी के इंसाफ के लिए लड़ूंगी - शालिनी की आँखों में साफ दिख रहा था की वो कितना दर्द महसूस कर रही थी इस वक्त राजीव ने भी is वक्त सहमति दे दी


दो दिन बाद कोर्ट जाने से पहले शालिनी रिंकू के पास गयी आज उसका ओप्रशन था शालिनी न प्यार स उसके सर पर हाथ फिराया

mमम्मा आप कही ज रही हो - रिंकू ने धीमी आवा में कहा

हां बेटा जिन लोगो ने आपको दर्द दिया मम्मा उनहे सजा देंने जा रही है - शालिनी की आँखों से आंसू झलक आये लेकिन उसने रिंकू से छुपा लिया

मम्मा वो दोनों भैया बहुत बुरे है मम्मा , आप पक्का उनको सजा देना - रिंकू रोने लगी शायद ु दर्द क अहसास एक फिर हो गया उसको

शालिनी न उसके आँसु पोछे तब नर्स आयी और रिंकु को ले जाने लगी

मम्मा जल्दी आना मेरे पास वक्त कम ही है - रिंकू ने जाते जाते बस ये आखरी शब्द कहे थे शालिनी रिंकू को जाते हुए देखती रही जा तक के वो आंखो से ओझल न हो गयी

शालिनी तुम कोर्ट जाओ मैं यहा रुकता हु हम में से किसी एक का यहाँ होना जरुरी है -राजी ने शालिनी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा ..

शालिनी ने घडी में देखा और हॉस्पिटल से बाहर आ गयी सीधा कोर्ट पहुंची सामने उन दरिंदो को देखकर शालिनी का खून खोल गया तभी कार्यवाही शुरू गयी

लगभग आधे घंटे बहस के बाद समन वाले वकील ने कहा - गलती ु लड़की की है अगर छोटे कपडे पहन कर घूमेंगी तो लड़के तो मौका देखेगे

जज साहब माना के मेरी बेटी के कपडे छोटे थे , लेकिन आप ही बताईये की 7 साल की बच्ची को अब साडी कैसे पहनाऊ - शालिनी ने लगभग चीखते हुए कहा

शालिनी की बात सुनकर कोर्ट में सन्नाटा छा गया वकील ने झूठी दलील और सबूत पेश

की लेकिन शालिनी ने सबक झूठ सामने ला दिया और अंत में फैसला भी शालिनी के पक्ष में था

कोर्ट ने दोनों लड़को को आजीवन कारावास की सजा दी शालिनी की आँखों से आंसू निकल ा उसे रिंकू का ख्याल आया वो जल्दी से हॉस्पिटल पहुंची ...


लेकिन जब वो हॉस्पिटल पहुंची उसके सांसे ही रुक गयी उसने देखा की रिंकू की लाश राजीव की बाहो मे थी और राजीव उसे सीने से लगाए बूत की तरह बैठा है शालीन दौड़कर राजिव के पास गयी ,,,

रिंकू !!! रिंकू उठ बेटा देख तेरी मम्मा उन बुरे लोगो को सजा देकर आयी है ,, देख बेटा मम्मा ने अपन promise पुरा किया ,,

रिंकू उठ न बेटा , एक बार तो बात कर अपनी मम्मा से - शालीनी की आँखों से आसुओ की अविरल धरा बहने लगी ,,

राजीव के सब्र क बांध भी टूट गया उसने शालिनी और रिंकू को अपने सीने से लगा लिए और जोर जोर से रोने लगा

शालू मुझे माफ़ कर दो ,, मैं हमारी रिंकू को नहीं बचा पाया ..जिंदगी के केस में हमारी रिंकू हार गयी शालू - राजीव रोते जा रहा था

हॉस्पिटल के किसी भी इंसान में इतनी हिम्मत नहीं थी की उन लोगो को रोक सके सबकी आँखे भीग चुकी थी उस दृश्य को देखकर

राजीव मौत भी कितनी अजीब है न हमारी जिंदगी लेकर चली गयी - इतना कहकर शालिनी रोने लगी उसकी दर्द भरी चीखो से सबका कलेजा एक पल को कट गया

राजीव अब भी रिंकू को अपने सीने से लग रहा जैसे एक बार फिर रिंकू उठ कर उसको पापा पापा पुकरेगी !!!!!!!!!

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