ज़िन्दगी अच्छी है

लैंग्स्टन हग्स

मै नदिया के निकट पंहुचा,

तट पर बैठा,

सोचने की कोशिश की,

मै नदी में कूदूँ और डूब जाऊँ ।

मैं एक बार ऊपर आया चिल्लाय!

दोबारा बाहर आया और रोया,

पानी इतना ठँडा न होता

तो मैं ज़रूर डूब जाता।

पर पानी ठँडा था बहुत ठँडा!

फिर मै लिफ्ट से चढ़ा

सोलहवीं मंजिल तक पंहुचा

मुझे अपने छोटे से बच्चे का

ध्यान आ गया

मुझे लगा मैं कूद जाऊँगा

मैं वहाँ खड़ा रहा और चिल्लाया !

मै खड़ा रहा और रोया,

अगर ये इतना ऊँचा न होता

तो मैं कूद जाता, मर जाता।

पर ये ऊँचा था, बहुत ही ऊँचा!

अब जबकि मैं अभी ज़िन्दा हूँ

मैं सोचता हूँ कि मैं जियूँगा

मैं प्यार के लिये मर सकता था,

पर मेरा जन्म

तो जीने के लिये हुआ था

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