नमी आँखों की कहती है,

मुझे तुम याद आते हो,

टूटती साँस कहती है,

मुझे तुम याद आते हो,

कभी जो तन्हा बैठूं दो घड़ी,

दुनिया से छुप के मैं , तो ,

फिसलती ज़िन्दगी कहती है,

बहुत तुम याद आते हो।

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