मैं और मेरा कातिल

घर में घुसते ही शीना ने गुस्से से बोली -"आज फिर तुम लेट से आये मुझे मार्केट जाना हैं मगर तुम्हे फुर्सत ही नही मिलता कब से दो ब्लाउज सिलाई के लिये रखी हूँ बस तुम आज-कल,आज-कल कर रहे हो। "सजल चुपचाप वॉशरूम में चला गया वह शावर लेते हुए सोचने लगा शीना ठीक ही तो कह रही हैं कितना दिन से वह टाल रहा हैं अब और नहीं कल ही उसे घूमने ले जाऊंगा और कोई अच्छी मूवी भी देख लेंगे। वह बाहर आ कर बोला -स्वीट हार्ट तुम्हारा गुस्सा जायज है कल ही मैं हाफ छुट्टी ले कर आऊँगा फिर तुम्हारी हर शिकायत को दूर कर दूंगा कह कर उसने शीना को देख कनखी मारी। शीना हँस कर बोली -"आज बहुत रोमांटिक हो रहे हो ऑफिस में कोई नई फीमेल कलीग तो नही आई है।" सजल उसके कंधे पर हाथ रख कर बोला -'ओह शीना ऐसा कभी मत सोचना बोलते-बोलते उसका आँख छलछला गया। शीना सजल को ऐसे देख घबड़ा गई झट उसके बकंधे पर सर रख बोली -धत बुद्धू मैं तो मजाक कर रही थी " फिर दोनों हँसने लगे। रात को शीना उसके पसंद की पनीर की सब्जी और मैदा का पूरी बनाई। उसने बेटा श्रेय को जो सात साल का है उसे खाने को बोली वह बोला नहीं ममा अभी मैं होमवर्क कर रहा हूँ पापा के साथ खाऊंगा। सजल भी बोल पड़ा 'रहने दो शीना आकर मैच देखो क्या मस्त इंडिया खेल रहा है कोहली तो उड़ा उड़ा कर मार रहा है। शीना हाथ पोछते आकर श्रेय के बगल में बैठ कर टी.वी देखने लगी।

मैच खत्म होने के बाद शीना बोली चलो अब डिनर कर लिया जाये श्रेय भी सोने लगा है सजल श्रेय को उठाते हुये चेयर पर बैठा दिया श्रेय बोला -"पापा प्लीज मुझे नींद आ रही है सोने दो " सजल बोला पहले खा लो फिर सोना। शीना प्लेट लगा दी जैसे ही सब्जी निकलने गई सब पनीर पूरा पेस्ट बना हुआ था और पूरी एकदम जली हुई। "अरे ये कैसे हो सकता मैं तो पनीर ऐसे नहीं की और ये पूरी भी इतनी जली हुई जैसे दुबारा कोई जला दिया हो " बोल कर शीना सजल को देखने लगी। सजल भी देख हैरान हो गया की आजतक शीना के खाने में कोई नुख्स कोई नहीं निकल सका और इसी कारण सजल की माँ माया उसे बहुत मानती है। सुघड़ गृहणी शीना का मन रो दिया कितना प्रेम से उसने सजल के पसंद की व्यंजन बनाई थी। सजल बोला-" कोई बात नहीं कभी कभी ध्यान नहीं रहने से हो जाता है अरे तुम भी तो इंसान हो कोई भूत या रोबर्ट तो नही" .शीना कुछ बोली नहीं क्योंकि उसे खुद ही समझ में नहीं आया ये क्या हो गया ,शीना बोली -"रुको अभी मैं कुछ बना देती हूँ लेकिन सजल बोला अरे दूध पी कर सो जाते हैं। श्रेय हँस कर बोला पता नहीं रोबर्ट आया था की भूत पापा! फिर ताली बजा कर बोला - भूत आया,भूत आया, भागो!भागो! अचानक झल्ला कर शीना एक थप्पड़ जर दी श्रेय रोने लगा और लाल लाल आँखों से देखते हुए बोला -"आप मुझे मारी कल पापा को भूत मारेगा और आपको भी। "सजल श्रेय को क्यों मार दी बच्चा है चलो श्रेय को सॉरी बोलो शीना श्रेय के तरफ मुड़ कर देखि तो सकते में आ गई श्रेय की आँख अजीब डरावना और होठों पर विचित्र मुस्कान था फिर भी वह सॉरी बोल कर उसका हाथ पकड़ी जो काफी सख्त लगा। श्रेय अपने कमरे में सोने चला गया और शीना सजल अपने कमरे में चले गए।

आधी रात को शीना की नींद टूट गई उसे श्रेय के कमरे से हथौड़े की आवाज सुनाई दी वह बहुत डर गई उसने सजल को उठा कर बोली श्रेय के कमरे से आवाज आ रही है सजल नींद में ही बोलै -"शीना ये तुम्हारा वहां है और करवट बदल कर सो गया मगर अचानक उसे भी ये आवाज सुनाई दिया तो वह उठ कर बैठ गया। दोनों श्रेय के कमरे में गये तो देखा श्रेय शीना का ड्रेस पहने हुए हैं जो बहुत ही बड़ा लग रहा था होठ पर विकृत तरह से लिपस्टिक और आँखों में मोटा काजल लगाए हुए हैं उसमें से झांकती आँख और भी डरावना लग रहा था। सजल दौड़ कर श्रेय के पास गया और उसको डांटते हुए बोलै ये आधी रात को तुम ये सब क्या कर रहे हो? श्रेय हँस कर बोला -"आधी रात अभी तो रात शुरू हुई है अभी तो बहुत कुछ करना है !शीना सजल के पीछे हो गई सजल एक थप्पड़ श्रेय को मारा श्रेय गिर गया उसके गाल में पांचो ऊँगली के निशान पड़ गए। शीना घबरा कर श्रेय को उठाने लगी श्रेय बोलै-"पापा प्लीज आप हथौड़ा से मत मारना चाकू से ऊँगली मत काटना प्लीज पापा प्लीज फिर वह बेहोश हो गया होश आने पर शीना,सजल को देख बोल उठा-"मम्मी,पापा आपलोग यहाँ क्यों खड़े हैं फिर अपने शरीर पर शीना का ड्रेस देख घबरा गया और बोलै आप लोग मुझे ये क्यों पहना दिये हैं और ऐसे तैयार क्यों किये अभी तो कोई फैंसी ड्रेस कम्पटीशन भी नहीं हैं। सजल शीना के तरफ देखा फिर दोनों अवाक् हो कर श्रेय का मुंह ताकने लगा सजल ने आँख दिखा कर पूछा 'ये तुम खुद नहीं पहने हो' श्रेय ने कहा 'नही'अब शीना को लगने लगा श्रेय को कोई मानसिक बीमारी तो नहीं हो गया ,उसने झट से सजल को बोली आप जाओ मैं श्रेय को सुलाकर आती हूँ। श्रेय के कपड़े बदल कर उसे थपकी देकर सुलाने लगी श्रेय धीरे धीरे सो गया। शीना अपने कमरे में, आई तो देखि सजल जाग रहा था। सजल बोला-"शीना मुझे लगता है श्रेय को कोई मानसिक बीमारी हो गया है शीना हुंह बोल कर चुप हो गई फिर सजल बोलने लगा असल में आजकल स्कूल में बच्चों को इतना प्रेशर दिया जाता है की बच्चे के कोमल दिमाग और मन दोनों का संतुलन कभी-कभी बिगड़ जाता है कल ही एक अच्छे सैक्रेटिस्ट का अपॉइंटमेंट ले लूंगा तुम चिंता मत करो अब सो जाओ। शीना चुपचाप पास फिर कर सो गई।

सजल सुबह उठा और फ्रेश हो कर अख़बार पढ़ने लगा और शीना चाय बना कर उसके बगल में बैठ कर चाय पिने लगी। थोड़े देर बाद श्रेय अपने कमरे से निकला और गुडमॉर्निंग मॉम गुडमॉर्निंग पापा बोल फ्रेश होने बाथरूम में चला गया उसे देख कर लग नहीं रहा था की कल उसने ऐसा कुछ किया होगा। शीना बोली-"आज जरूर से सजल आप श्रेय का डॉक्टर का अपॉइंटमेंट ले लीजियेगा" सजल हाँ में सर हिला दिया। सजल और श्री दोनों ब्रेकफास्ट कर के चले गए रस्ते में सजल श्रेय को कान पकड़ कर जोर से बोला -

'मम्मी को फिर कभी बतायेगा मैं तुम्हे चाकू से ऊँगली काटने को बोलै हूँ तो चलती कर से निचे फेंक दूंगा और तुम मर जाओगे और सब समझेंगे तुम एक्सीडेंट में मर गए हो "श्रेय रोते हुए बोला "नहीं कभी नहीं बोलूँगा " सजल नफरत से देखते हुए बुदबुदाया "इसके कारण मुझे कातिल बनना पड़ा अब शीना का प्यार भी मुझसे छीन रहा है। शीना कॉफी पीते लगी हुए रात की बात याद कर विचलित हो गई ओह ये एक बुरा सपना ही रहे ऐसा दुबारा ना आये। २ बजे सजल श्रेय को पिकअप कर घर आ गया और शीना को बोली जल्दी से काम कर लेंव ८ बजे डॉक्टर का अपॉइंटमेंट मिला है। तीनो खाने बैठे अचानक ऊपर से छिपकली चिकेन में गिर गया शीना घबरा कर गिरते गिरते बची श्रेय ने उसे पकड़ लिया था श्रेय का हाथ सजल से भी सख्त उसे लगा। सजल के पसंद का चिकेन भी आज फेका गया अब दाल चावल अचार से सब खाये श्रेय देख लिया सजल को ऐसा करते हुए श्रेय धीरे से बोला- भूत !भूत! कहकर अजीब हंसी हँसते अपने कमरे में चला गया। श्रेय अपने कमरे में जा कर सो गया और शीना काम निपटने लगी। वह रात का खाना बनाने वक़्त सब श्रेय के पसंद का खाना बनाया और मन ही मन प्रार्थना करने लगी आज कुछ भी खराब न हो सब हो जाने के बाद वह धीरे से अपने कमरे में आराम करने लगी।

शाम के पांच बजते वह सजल को उठा कर चाय बनाने लगी। सजल उठकर ड्राइंग रम में आकर बैठ गया। शीना चाय नमकीन ला कर रख दी और श्रेय का मैगी फिर श्रेय को उठाने के लिए उसके कमरे में गई तो जोर से उसकी चीख निकल गई सजल दौड़ कर गया देखा श्रेय इन दोनों के फोटो को चाकू से घोंप -घोंप कर घरघर कर बोल रहा है "मार डालूंगी,मार डालूंगी " सजल घबरा कर बोला -श्रेय बेटा श्रेय उसके तरफ देखा होठ से खून लगा आँख एक अँधा और एक आँख बाहर की और निकला शीना को लगा वह बेहोश हो जाएगी फिर श्रेय घर्घरा आवाज में बोलै-"मैं रिदिमा हूँ तुम्हारी मंगेतर याद आया सजल ?याद आया जिसे तुम २५ दिसम्बर को आधी रात को पार्टी से लौटने वक़्त तुमने कार के बोनट पर मेरा सर पटक पटक कर मर दिया इतना ही नहीं तुमने मेरे आँख पर ऐसा घूंसा मारा की मेरे बाएं आँख निकल दिया और खुद को चोट पहुंचाया और कार को एक पेड़ से टक्कर मार कर उसे एक्सीडेंट का रूप बना दिया। तब से आज तक मैं तुम्हारे साथ हूँ तुम्हे कोई हानि नहीं पहुँचाया क्योंकि तुम से प्यार किया मगर आज तुम फिर अपने मासूम बेटा को पत्नी और अपने बीच प्यार का रोड़ा समझ उसे हटाने का कोशिश कर रहे हो ये मैं होने नहीं दूंगी समझे तुम तुम्हारा जान तो मैं कभी भी ले सकती थी मगर इन दोनों से भी मुझे प्यार है समझे तुम " सजल जीभ तालु में सट गया मिमियाते हुए बोला-मुझे माफ़ कर दो रिदिमा आइंदा ऐसा मैं कुछ नहीं सोचूंगा मुझे माफ़ कर दो मैं शीना से मोहब्बत करता था और वो माँ बननेवाली थी इसलिए तुम्हे मरना पड़ा घरवालों के दबाव से तुमसे शादी कर रहा था मैं सच मैं तुम्हारा गुनहगार हूँ तुम मुझे जो सजा देना है दो। " श्रेय के एक आँख से आंसू बह रहे थे बोला-'जा माफ़ किया मगर तुम फिर अपने बेटा से छुटकारा पाने का षड्यंत्र मत करना जिस दिन सोचोगे वही दिन तुम्हारा आखरी दिन होगा ".शीना आश्चर्य से सजल को देख रही थी और सोचने लगी एक कातिल के साथ इतना दिन गुजार दी और अब अपने बेटा का ही जान लेने का सोच रहा था नहीं अब इसके साथ उसे नहीं रहना तभी श्रेय के अंदर से रिदिमा बोल उठी -"शीना इस बच्चे का पिता मत छीनो तुम सब साथ में रहो वादा करो तब मैं आराम से चली जाउंगी और मेरी आत्मा को शांति मिलेगा" शीना रोते-रोते बोली "हाँ रिदिमा" सजल भी हाँ में सर हिलाया। तभी श्रेय उठ गया और बोला-"पापा मम्मी आज तो हमलोग बाहर जाने वाले हैं प्लीज पापा उठो ना सजल उसको बाँहों में भर कर बोला _"मुझे माफ़ कर दो बेटा"लव यू पापा चलो आज बाहर आइसक्रीम खाते है"श्रेय बोला दोनों हँस कर बोले -"जरूर बेटा"।




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