कुछ यादें अब जिन्दगी बन गयी

कुछ यादे अब जिंदगी बन गयी ख्वाबो को आंसुओ मे कह गयी ।

बह गए जिंदगी के अफ़साने यु ही हकीकत की बंजर जमी रह गयी ।

हम आवाक थे उस पल को देखकर जिस पल में थी सदिया गुजर गयी ।

कह भी न पाये थे हम दिल की बात बिछड़कर हमसे वो जिंदगी चली गयी

सो गए जज्बात कहीं वो अब सारे बस आंखो मे अब है नमी रह गयी ।

hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.