कैसे बताये क्यों तुमको चाहे

हेलो आपसे ५ मिनट बात हो सकती है प्लीज ? खुशी की आवाज में कुछ घबराहट सी थी ..(शिव खुशी के दोस्त मेंटर प्यार सब कुछ थे )

शिव -हेलो खुशी में थोडा कही बाहर हू कल बात करू चलेगा ?

खुशी-सिर्फ पांच मिनट बात करनी है प्लीज अगर आप वक्त निकाल सके तो ?

शिव -अच्छा रुको में दो मिनट में तुम्हे कॉल बेक करता हू .

आश्चर्य से सोचते हुए ऐसा क्या हो गया इसको इतनी अरजेंट में क्या बात करनी होगी ....!

ये पहली बार है जब खुशी ने मुझे सामने से और बात करने के लिए कहा है ...जरुर कुछ तो बात होगी ..वरना हर बार तो में जब भी फोन करता हू अपनी सुविधा से ही करता हू जब फ्री होता हू तब ...वो कभी नहीं कहती की इस समय फोन करना या मत करना ..सोचते हुए अपनी मीटिंग से बाहर आते है .

फोन मिलाते है ..

हेलो खुशी सब ठीक तो है ?

तुम्हारी तबियत ठीक है और घर पर सब ..? यूँ अचानक फोन करना और तुम इतनी बेचेन सी क्यों हो आज .

खुशी -हमारे लिए लड़के देख रहे है घर वाले आज तो एक लड़का भी आ गया देखने ...

उसकी आवाज में वो ही बैचेनी थी .

शिव - लड़का ? आश्चर्य से ...फिर हँसते हुए ...हां तो क्या हुआ बच्चा इसमें इतना घबरा क्यों रही हो तुम ?

खुशी -घबरा क्यों रहे है ? हद है आपकी भी यार ...हमें लड़का देखने आया है रिश्ते की बात चल रही है ...कल को शादी हो जायेगी और आप बोल रहे घबरा क्यों रहे है !

शिव -बच्चा वो तो शाश्वत सत्य है शादी तो होगी ही न तुम्हारी ...मेरी भी तो हुई है ना देखो ....सबकी होती है शादी इसमें इतना क्या सोचना .

खुशी -अरे आप समज नहीं रहे है ...

शिव -क्या समज नहीं रहे ..घबरा क्यों रही हो ..ये सोच कर की लड़का केसा होगा ? या सास केसी होगी इन बातो से तुम घबरा रही हो मुझे आश्चर्य तो अब हो रहा है ...बच्चा इन बातो से डर रही हो तुम ?

खुशी -ओह नहीं ..इन बातो से हम डरेंगे आपको ऐसा लगता है ...सास पति ...नहीं कभी नहीं ..

शिव -तो फिर बताओ इतनी घबराहट किस बात की है क्यों है ..किस बात से डर लग रहा है ?

खुशी -आपको खोने के डर से ( एक ही सांस में बोल जाती है ) ....

कान के परदे को चिर दे ऐसा सन्नाटा दोनों तरफ ......किसी ने कुछ नहीं कहा ...थोड़ी देर बाद ..

शिव-बच्चा तुमने मुझे पाया ही कब जो डर रही हो की मुझे खो देंगी आप ...में तो तुम्हारा कभी हुआ ही नहीं यार .

खुशी -किसने कहा आप मेरे नहीं हुए ? या ये किसने कहा की जो आपका हो उसी को खोने का डर हो ?

कभी कभी कोई आपका नहीं होता फिर भी आपका सब कुछ होता है ....और हमें यही डर है की हम आपको खो देंगे :(

खुशी -हम जानते है की शादी हो जायेगी तो आप हमें फोन ही नहीं करेंगे बात भी कम कर देंगे ये सोच कर की कही हम अपने ससुराल में डिस्टर्ब ना हो जाए ...है ना ?

शिव -हा बच्चा वो तो सोचना पड़ता है ना ..आप दूसरे घर चली जाओगी वहा केसे लोग होंगे , केसा माहोल होगा ...मेर फोन करने से कही आप कुछ काम में लगी हो और डिस्टर्ब हुई तो .

खुशी -बस इसीलिए तो शादी नहीं करनी ,आपसे दूर हो जायेंगे हम ..जानते है की अभी भी आपके करीब नहीं है पर फिर भी यूँ लगता है की आपके पास है ...

मेरी जिन्दगी में बहुत कम ही लोग है जिन्हें खोने से मुझे डर लगता है ..आपके तो लाखो पहचान वाले है इसलिए आपको फरक नहीं पड़ेगा

घर वाले क्यों शादी शादी करते रहते है .! मुझे समज नहीं आती ये फिलोसोफी सबकी की लड़की को तो एक दिन जाना ही पड़ता है .

बिना शादी के नहीं रह सकते क्या हम..भला ये भी कोई बात है .

शिव -खुशी पहचान वाले और चाहने वाले दो अलग चीज होती है .

हां मेरे लाखो जानने वाले है पर सब अपने काम से ..तू मेरा प्यारा सा बच्चा दोस्त है जो मुझे चाहता है निस्वार्थ भाव से .

सुन परेंट्स के भी तो कोई अरमान है ना ..की तेरी शादी करे ...उनका दामाद आये ..

कभी कभी हमें अपनी चाहत में से और जो सही है उस में से चुनना पड़ता है .

और खुशी में तुम्हारे लिए सही नहीं हू हाँ में तेरी चाहत भले सही पर जब जिन्दगी की बात आएगी तो हमारे बीच उम्र का फासला मुझे गलत बना देता है तेरे लिए .

खुशी माता पिता को दुःख देकर कोई खुश नहीं रह पाया है ये बात तुम समज लो ...

अभी तुझे लगता है की तू अकेली रह लेगी मुझसे बात कर की ही जी लेगी मेरा प्यार काफी है तेरे लिए ..पर बच्चा ये सब न लड़कपन की बाते है एक उम्र होती है जब आपको किसी के साथ की जरूरत होती ही है ...में ये नहीं कह रहा की सहारे की जरूरत पड़ेगी ..ना ..पर साथ जरुरी होता है जीवन में .

तुझे सब पता है की में तो कभी तुझे मिल नहीं पाउँगा ना ही मेरी ऐसे कोई इच्छा भी है ..मेने तो अपने जीवन के बसंत देख लिए .

तेरे इतने प्यार और स्नेह की कदर करता हू में ..शायद इसीलिए मेरा भी तुजसे लगाव हो गया है .

पर तुम्हे तो अपनी जिन्दगी जिनी है ना ..तुमने अभी देखा ही क्या है २५ साल की हुई हो तुम बस, और में ५० का होने वाला हू

खुशी-आपको अगर ये ही बोलना है तो हमसे बात ही मत करिये आप ..जब देखो मेरी उम्र हो गई है .

आपको पता नही आप इस दुनिया के बेहतरीन इंसान है ,एक बेहतरीन दोस्त ,एक बेहतरीन मेंटर .

हर रिश्ते में सम्पूर्णता लिए है आप .

शिव-मुझे पता है और उसी दोस्ती के लिए समजा रहा हू ना तुझे .

अच्छा अभी तो लड़के ही देख रहे है ना तो देखने दे परेंट्स को अपना काम करने दो ..तुम अपना काम करो ..तुम अपनी पढाई पूरी करो

अगर तू कुछ बन जायेगी तो एक दो साल और अपने लिए मांग सकती है न ..इसलिए तुम ध्यान अपने लक्ष्य पर रखो .

जब रिश्ता हो जायेगा तब इतनी चिंता लाजमी है .

खुशी-में आपकी हर बात मानने को तैयार हू ..आप मेरी एक बात मानेंगे ?

शिव -हा कहो

खुशी -मेरी शादी हो जाए या में दुनिया के किसी कोने में चली जाऊ ..आपका प्यार स्नेह दोस्ती में कमी नहीं आनी चाहए ?

जिस हक से आप आज बात करते है उसी हक से हमेशा करेंगे .?

शिव -हँसते हुए ठीक है बाबा आपकी बात मान लि .

पर अब इतनी चिंता मत करो में हू तुम्हारे साथ .

खुशी-आपका बस इतना भर कहना की में हू मेरे लिए सारी चिंताए कम कर देता है ....

शिव -इतनी सी छोटी सी बात पर डरा ही दिया ...

खुशी-ये छोटी बात नहीं है हमारे लिए ...आपसे दूर जाना कभी छोटी बात हो ही नहीं सकती ...

मेरी यादो में महके आपकी यादो का मौसम हमेशा जिन्दगी ऐसे हो मेरे लिए .

शिव -हम्म ....अब चिंता कुछ कम हुई ?

खुशी -आपकी आवाज और मेरी सारी चिंता उडन छु :) ( मन में सोचते हुए की कभी शिव को बता पाए की कितना प्यार है उनसे हमें काश )

शिव (मन में सोचते हुए की काश में बता पाता तुझे की मुझे भी तुझसे कितना प्यार है ..पर में अपने लिए तेरी जिन्दगी नहीं बर्बाद कर सकता ..तू खुश रहे दोस्त बस ..मेरा बच्चा प्यारा सा लव यू :) )

खुशी- सुनिए ..बाय रखु फोन ?

शिव -हम्म ..करता हू फिर फुरसत में कभी और बात तुजसे .

खुशी-जरुर जब भी आपको वक्त मिले :) :)

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