अंतिम मिलन

हूँ मैं झूठा, वादा तोड़ा, छोड़ चला तुझे अकेला,
पीकर तेरे ओठों का जाम, मेरी है ये आखरी शाम।

हूँ अपराधी तेरा प्रियवर, माफ़ करना मुझको दिलबर,
तेरा कर न सका पूरा अरमान, मेरी है ये आखरी शाम।

मैं रहूंगा तेरे हर अंगों में, बसूँगा तेरे हर सांसों में,
तू रहेगी मेरी धाम, मेरी है ये आखरी शाम।

गम न कोई जाने का है, खुशी तो फिर आने का है,
बन कर तेरा ग़ुलाम, मेरी है ये आखरी शाम।

बेवफ़ा जब मुझे समझना , धड़कनें तब अपनी सुनना,
लेंगीं वो मेरा नाम, मेरी है ये आखरी शाम।

याद कर मुझे तुम न रोना और सदा मुस्काती रहना,
अरे! तू रोती क्यूं है नादान? मेरी है ये आखरी शाम।

ये आंसू मुझे जाने न देंगें, ईश्वर के सब नियम टूटेंगे,
कर दे तू उन पर अहसान, मेरी है ये आखरी शाम।

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