पापा, पति, बेटा, और बॉयफ्रेंड .... हम सबके बारे मे बात करते है, सबके बारे मे लिख भी दिया जाता है..... सिर्फ एक ये भाई नाम का प्राणी ऐसा है जो ज़िन्दगी भर आस- पास होता है मगर फिर भी नज़रअंदाज होता रहता है. मैं यहाँ इस प्राणी को अपने अंदाज मे बयान करना चाहती हूँ, ये मेरा लेख हर भाई को उसकी बहन की तरफ से dedication माना जाये.

सबसे पहले मैं अपना बचाव कर लेती हूँ, ये कह कर ..

भाई - कभी किसी बात का बुरा मानता ही नही है, और जो प्राणी मेरे पास है उसे जैसे ही पता लगेगा की मैंने कुछ लिखा है, वो सबसे पहले कहेगा "हाँ, अब तू मेरी बुराई सारी दुनिया में फैला दे, और कोई काम-धाम तो है नही तेरे पास मेरी बुराई के अलावा". मगर असर इन पर फिर भी नही होता.

भाई - इनकी नज़र सारी दुनिया से अलग होती है, बहन कितना भी सुन्दर हो, जीरो फिगर हो, गोरी हो.... इन्हे सिर्फ "मोटी भैंस", दिखाई देती है.

भाई - दुनिया का सबसे आलसी प्राणी है, ये बात आपकी माता पुरे दिन बोल सकती है, आपके पिता हर मौके पर याद दिला देंगे, मगर जैसा की मैंने पहले ही कहा इन पर असर नही होता. इन सब के बावजूद बहन को इन्ही की याद आती है, काम के समय. ऐसे में आप कभी इन्हे आवाज़ दो "भाई सुन, इधर आना", जवाब कभी नही मिलेगा ..... अगर जवाब आया होगा तो कुछ ऐसा होता है, "हाँ क्या है ?....मैं नही आ रहा ....मैं तभी आऊंगा जब तू मेरा फलाना काम करेगी ..... अच्छा 5- मिनट"..... विश्वास कीजिये ये 5- मिनट का मतलब आधा-घंटा होता है.

भाई- बचपन इनका खिलौने के ट्रक/कार के पहिये या ड्राइवर को सही जगह से हटाने और वापस वही लगाने में बीत जाता है, बड़े हो कर ये बहन के clutcher नाम के hair- pin से भी खेल सकते है. इनके लिए वॊ हेयर- पिन नही बल्कि डॉयनासोर का जबड़ा या अक्युपंचर की मशीन होता है. बस एक बार clutcher इनके हाथ लग जाये, फिर तो जब तक टूट ना जायेगा इन्हे सब्र नही मिलता. आपका काजल इन्हे लिखने की पेंसिल, लिपस्टिक - पेंट कलर नजर आता है, बाकि सामान तो बचा कर रखे, वरना सब गिरा कर तोड़ देने है.

भाई- कुछ अच्छे भी होते है, मगर जो प्राणी मेरे पास है, ये कभी साथ में बाहर किसी फंक्शन में नही जायेगा. अगर माँ की डांट खा कर जाना भी पड़े तो वहाँ दूर- दूर तक भी आस- पास नही फटकता.

भाई- इसका सबसे बड़ा फायदा होता है, ये अपना सामान शेयर करने में काफी खुले दिल के होते है, आप इनसे टीशर्ट मांग मांग कर पहन सकते है, और ये ज़िन्दगी भर बस एक ही टीशर्ट में गुज़र- बसर कर सकते है.

भाई- आप कभी इस प्राणी से नही जीत सकते, शाब्दिक-युद्ध में आप बोलती है, ये बस आपकी बात को किसी गन्दी सी आवाज़ में दुहराते रहते है. अगर उसके बाद आप चिढ़ कर इन पर बल- प्रयोग करेंगे तो खुद को "panda" या लोहे में परिवर्तित कर लेते है, तो इन्हे आपकी मार लगती ही नही, यूँ कहे उल्टा आप ही को अफ़सोस होगा उलझने का.

भाई- ये काफी उद्दंड प्रवर्ति का होता है, आप के सामने से कभी शांति से नही जा सकता, चलते फिरते आपके बालो को बिगाड़ना, अपनी बड़ी सी हथेली से आपके चेहरे का माप लेते हुए निकलना, यॆ अपना अधिकार समझता है.

भाई- आपके माता- पिता को ये सिर्फ "हम्म- हम्म" में ही बात करता है, इसका असली रूप सिर्फ आपके सामने ही आता है. बोलने, व्यंग्य करने की प्रतिभा ये आपके सामने ही ज़ाहिर करता है. कही से आ कर बस पहली बात होगी "कैसी है तू?" उसके बाद तो उम्मीद ही ना रखे कुछ.

भाई- इसे आप से कुछ अलग ही अपनत्व होता है. ये खुद टीवी के सामने टिका रहता है, और आपको कभी रोमोट नही देता, बल्कि शर्ते देगा, "मुझे पानी ला कर दे, मुझे खाना ला कर दे, मेरा ये काम कर वो काम कर ..... फिर रोमोट मिलेगा", आप सारे काम कर दो, फिर भी इनकी "बस 5- मिनट" ख़तम नही होती. टीवी में बस कार्टून/डिस्कवरी/नेशनल जियोग्राफी देख देख कर ये खुद भी उसी प्रकर्ति के बन जाते है.

भाई- घर में ये कभी भी कहीं भी लटके, उछलते, चीज़ों को पैरो से मारते नज़र आ सकते है. माँ- पापा आस- पास ना हो तो इनके लिए घर का कोई भी सामान फुटबॉल ही होता है. असल ज़िन्दगी से बाहर, फेसबुक/व्हाट्सएप्प पर आप दोनों कभी दोस्त नही बन सकते, गलती से ना छेड़े इन्हे. चाहे तो जा कर देख ले, इस प्राणी ने कभी खुद आगे से आपको कुछ मैसेज नही किया होगा.

भाई- आपको चाहिए की आप इस प्राणी से हमेशा बना कर रखे, यदि इसका सहयोग आपके साथ है, तो दुनिया से भी डर नही, अगर इसका सहयोग नही है तो सारी दुनिया के साथ का भी फायदा नही. आपकी कोई भी बात ये मनवा सकता है माँ- पापा से, लेकिन "भाई के खिलाफ आपकी वकालत" कोई नही कर सकता. किसी काम के होने की गारण्टी माँ- पापा दे, आप चाहे तो ना माने मगर भाई बोले तो विश्वास रखे आपका काम हो जायेगा.

भाई - ये कभी अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में नही बताएगा, आप बस अपने बॉयफ्रेंड का इन्हे पता ना लगने की नाकामयाब कोशिश करते रहे, पता इन्हे सब होता है और बॉयफ्रेंड के सर पर खतरा हमेशा होता है. दूसरी तरफ कभी "डर" शब्द का प्रयोग कर के देखिये, ये आपका डर 1- मिनट में खतम कर देंगे, कह कर "मुझ से सारे दिन लड़ लड़ कर तू हिडिम्बा बन चुकी है, लोग तुझी से डरते होंगे"

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भाई- थैंक यू !!!!

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इस प्राणी की बहुत सी क्वालिटी अभी याद नही आ रही, अपनी सब फीमेल पाठको से अनुरोध है अपने भाई के गुण शेयर करे .. .. आपका स्वागत है.

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