क्षणिकाएं

क्षणिकाएं
(शब्द पदी)
सुशील शर्मा

चारु चंद्र
मन मतंग
पिया संग
प्रेम रंग
लगी अंग।

दीप्त दामनी
चटक चांदनी।
मन भावनी।
प्रेम पावनी।
प्रीत रागनी।

चंद्र कली
कल मिली
फूल खिली
चाह दिली
प्रेम गली।

बरसा सावन
पिय मनभावन
रूठे साजन
चंचल चितवन
नाचे मधुवन।

प्रेम गीत
मन मीत
झूठी प्रीत
तेरी जीत
कैसी रीत

आई बहार
गाओ मल्हार
प्रेम पुकार
जिया बेकरार
पिया निहार।

चांद रात
पिया सुनात
प्रेम बात
मधुर गात
जिया अघात

hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.