पापा , जल्दी चलो ! मुझे कांवोकेसन के लिए लेट हो जायेगा, रिया ने घड़ी देखते हुए कहा !” हाँ बाबा आया बस मोबाइल ले रहा था” रिया के पापा ने कहा ! पापा आज तो मम्मी आप से पहले तैयार हो गई , और फिर रिया ठहाका मार के हँसने लगी , अच्छा बस कर जा पहले ऑटो ले आ , रिया के पापा ने कहा, तो वो भागती हुई ऑटो लेने चले गयी !बीस मिनट में तीनो कॉलेज पहुच गए , आज तीनो के लिए बहुत ही बड़ा दिन था , आज रिया को डिग्री के साथ साथ कॉलेज में प्रथम आने के लिए सम्मानित किया जाने वाला था ! तीनो अपनी अपनी जगह पर बैठ गए और कुछ ही देर में प्रोग्राम शुरू हुआ , एक -२ कर बच्चो को डिग्रीया देना शुरू हुआ , फिर रिया का नाम लिया गया , पूरा कॉलेज तालियों की गुंज से भर गया ! रिया स्टेज पर पहुची तो प्रिंसिपल ने बुके से उसका स्वागत किया और उसे उसकी डिग्री सौपी ! रिया ने बहुत ही ख़ुशी से उसे स्वीकार किया , फिर उसने स्पीच देना शुरू किया ! “ हेलो एवरीवन , थैंक यू मेरे सरे शिक्षको को जिन्होंने इन ३ साल में मेरा साथ दिया , मेरी पढाई में मदद की , मेरा हौसला बढाया, थैंक यू टू आल टीचर्स ! इनके साथ -२ कोई और भी है जिनको धन्यवाद देना जरुरी है और वो है मेरे माता पिता! जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया और उन्ही की बदौलत आज मैं आप सभी के सामने खड़ी हु , आज में स्पेसिली अपने पापा को थैंक्स बोलना चाहूंगी , सारी दुनिया हमेशा एक औरत की कुर्बानियों को जानती है पर आज मैं आप को एक पुरुष की कुर्बानियों के बारे में बताना चाहूंगी, ये पुरुष प्रधान देश है हम बचपन से यही सुनते आ रहे है पर क्या कभी हमने किसी पुरुष को इतना सम्मान देते है जितना हम किसी स्त्री को देते है नही ना ! मैं मानती हु की एक स्त्री दुसरो के लिए बहुत सारी कुर्बानिया देती है, पर क्या हम ये नही जानते की एक पुरुष भी अपने घर परिवार और बच्चो के लिए कितने समझोते करता है ? मैंने अपने पापा को देखा है मेरे लिए उन्होंने कितने समझोते किये है , उनकी पूरी लाइफ एक साइकिल पर बीती पर मेरे कॉलेज जाते ही उन्होंने मुझे स्कूटी दिलाई , मेरी कॉलेज फीस के लिए उन्हें जी तोड़ मेहनत करते देखा है , मेरी पसंदीदा डिश को कभी नही खाते थे , कुछ न कुछ बहाना बना देते थे ताकि मुझे कम ना पड़े ! मुझेआज भी अच्छे से याद है , जब मुझे कॉलेज में किसी कारण वश कुछ पैसे देने थे तो पूरी दो राते वो ठीक से सू नही पाए थे, की इतने पैसे कहा से लाऊ वो भी महीने के बीच में ! फिर भी उन्होंने मुझे कुछ भी महसूस नही होने दिया और पैसो का इंतेजाम कर दिया ! उनकी पूरी लाइफ सिर्फ ३ जोड़ी कपड़ो में बीत गयी और वो मुझे और माँ को हर साल ३ कपड़ो के लिए पैसे देते थे , मैं उन्हें हमेशा और कपडे खरीदने के लिए बोलती थी , पर वो टाल जाते की इस बुढ़ापे में क्या करूँगा और कपडे खरीद के! मैंने उन्हें हमेशा अपने परिवार के बारे में सोचते हुए ही देख है , मैं मानती हु की एक स्त्री बहुत सरे समझोते करते हुए अपनी जिंदगी जीती है पर एक पुरुष भी अपने परिवार के लिए अपनी खुशियो से समझोता करता है ,जिसे हम नज़र अंदाज कर देते है ! आज मैं अपने पापा के साथ -२ उन सरे पुरुषो को धन्यवाद देती हु जिनके कारण आज उनके बच्चे अच्छे मुकाम में है , एक पिता जो खुद कभी नही कर पता, चाहता है की उसकी औलाद करे और उसके लिए उसे कितने भी कष्ट सहने पड़े वो कभी पीछे नही हटता ! “ पापा थैंक यू , आप ने आज तक जो कुछ भी मेरे लिए किया उसका अहसान मैं कभी नही चूका पाऊँगी , थैंक यू वन्स अगेन ! और हां पापा इस स्कालरशिप से मैं और आगे की पढाई करके आपका और माँ का नाम जरुर रोशन करुँगी अब आप को मेरी पढाई के लिए पैसो की चिंता करने की जरुरत नही है ! अंत में मैं बस इतना कहना चाहूंगी , जितना हम एक औरत को सम्मान देते है उससे आधा भी हम अगर एक पुरुष को दे को भी बहुत है , क्योकि वो भी बहुत मेहनत करता है और हम है की उनकी मेहनत को नज़र अंदाज़ कर देते है दोनों ही चाहे वो एक स्त्री हो या पुरुष अपना अपना कर्त्तव्य बखूबी निभाते है तो जहा तक हो सके हमें दोनों को सम्मान देना चाहिए ! पापा अब बस कीजिये पूरी स्पीच भर तो आप रोते रहे है और हाँ एक और बात मेरे प्यारे पापा में चेहरे पर आसू बिलकुल भीअच्छे नही दिखते और रिया ने स्टेज से निचे उतर के आपने पापा को गले से लगा लिया !

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