नयन

नयन
लिमरिक क्षणिकाएं
(शब्द पदी)
सुशील शर्मा

विरह अगन
प्रेम मगन
झरे झरे
नीर भरे
सजल नयन

अश्रु बहें
प्रीत कहें
राज खोलें
सच बोलें
दर्द सहें।

नयन नीर
हृदय पीर
चुभते शूल
गिरा फूल
टूटता धीर।

नीरज नयन
अश्रु सुमन
बरस गए
तरस गए
प्रेम अयन।

अश्रु भरे
चक्षु झरे
प्रेम सिक्त
मन रिक्त
पीर धरे।

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