छलावा

सर्दी की गुमसुम सुनसान रात और बारिश रुक रुक कर हो रही थी सड़क पर दूर दूर तक कोह्र्रे की चादर थी चारो तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था ऐसी अँधेरी रात मैं वरुण अकेले ही निकल पड़ा था आज उसके पक्के दोस्त पंकज का जन्मदिन था और उसने सभी दोस्तों को अपने फार्महाउस पर पार्टी दी थी वह शराब और शाबाब का पूरा इंतजाम था वरुण का प्रोग्राम अगले दिन सुबह निकलने का था पर- जब पार्टी पुरे शाबाब पर थी डांसर लडकियों के आमंत्रण देते मुवस ऊपर से शराब का नशा वरुण होश खो बेठा और एक लड़की को गले से लगा कर चूम लिया बस फिर तो हंगामा मच गया डांसर्स के साथ आये बाउंसर ने उसको उठा कर पटक दिया उसके सारे दोस्त उसकी खिल्ली उड़ाने लगे वो गुस्से और शर्म से बिना किसी को बताये पार्टी से निकल गया जब वो चला तो रात का एक बज रहा था पंकज का फार्म हाउस शहर से काफी दूर था नदी के साथ साथ सड़क चल रही थी वरुण नशे और बेइजती दोनों से बोझिल सा कार ड्राइव कर रहा था कोहरे की वजह से उसे ज्यादा दूर तक नजर नहीं आ रहा था अचानक एक लैंप पोस्ट की दम तोड़ती हुई पीली सी रोशनी मैं उसे एक लड़की खड़ी हुई दिखाई दी वरुण ने दो तीन बार अपनी पलके झपकी जैसे उसे भुलावा हो रहा हो पर जैसे जैसे वो उस लैंप पोस्ट के नजदीक पहुचने लगा वो साफ़ साफ़ देखने लगा था लड़की हाथ से रुकने का इशारा कर रही थी वरुण एक नजर उस पर डालते हुए सररर से आगे निकल गया फिर कुछ सोच कर उसने गाडी रोक ली

कार पीछे करते हुए उसकी नजर लगातार उस लड़की पर ही थी वो उसके पास जा कर रुका और शीशा निचे करते ही वो लड़की पास आ गई - सर प्लीज शहर तक छोड़ देगे वरुण ने नजर भर कर उस लड़की को देखा गोरा रंग पतली कमर उन्नत वक्ष कमाल की खूबसूरत वरुण ने दरवाजा खोलते हुए कहा आइये ना लड़की झिजकती हुई आकर बैठ गई उसकी साडी भीगी हुई थी बाल भी वरुण को देखते हुए बोली बहुत देर से इन्तजार कर रही हु पर कोई आया ही नहीं बस अभी बारिश होकर रुकी है वरुण उसकी गीली साडी मैं उभरे हुए अंगो मैं खो सा गया था वो सकपकाया और बोला कोई बात नहीं - गाड़ी आगे चल पड़ी तभी वरुण ने कहा आप भीग गई है मैं ब्लोअर की हीट बड़ा देता हु वो अपनी जैकेट भी उस लड़की को दे सकता था पर वो उस भीगी साडी मैं से झाकते अंगो का नजारा देखने से चूकना नहीं चाहता था लड़की हलकी सी आवाज मैं बोली थैंकस !

वरुण बात आगे बढ़ाते हुए बोला आप इस वक़्त यहाँ पर अकेली क्या कर रही थी वो लड़की बोली मैं अपनी सहेली के साथ उसके दोस्त की पार्टी मैं आई थी पर वहा का माहोल ऐसा हो गया की मुझे अकेले ही निकलना पड़ा फार्महाउस से ४ किलोमीटर पैदल चल कर मैं सड़क तक आई हु वरुण को सहर्ष ही विश्वास हो गया ! अब वरुण का ध्यान सड़क पर कम और उस अनजान लड़की पर ज्यादा था वो लड़की भी वरुण की चोर नजरो को पहचान रही थी एक तरफ घूमते हुए उसने अपने बिखरे बालो को समेटा और साडी के पल्लू से पोछने लगी लो कट ब्लाउज और पल्लू हट जाने से उसके शारीर का उपरी भाग लगभग नग्न हो उठा वरुण की आँखे चोधिया गई दुधिया रंग और बलखाता हुआ शारीर वरुण अपना कण्ट्रोल खोता जा रहा था किसी तरह आपने आप पर काबू पाते हुए पूछा आपका नाम क्या है- माया, कहते हुए वो लड़की वरुण की और देखने लगी उसकी आँखों मैं अजब सी बात थी वरुण डूबता जा रहा था अचानक लड़की ने पूछा कहा खो गए ? वरुण अपनी कपकपाहट को काबू मैं लाते हुए बोला आप जितनी सुन्दर लड़की मैंने कभी देखि नहीं बस इसलिए आपकी रूप की माया मैं खो गया था माया जी वरुण के अन्दर बैठे पुराने खिलाडी ने जोर मारा लड़की अपनी तारीफ सुन कर शर्मा गई वरुण की हिम्मत बड़ी वो बोला आप जैसे खूबसूरत लड़की को अकेला रात को नहीं निकलना चहिये माया धीरे से बोली अगर इन्सान अकेला ही हो तो क्या करेगा बिना माँ बाप की बच्ची को अकेले ही हर चीज़ का सामना करना पड़ता है वरुण मन ही मन खुश हो रहा था आधा काम तो हो ही गया लड़की विश्वास करने लगी है - वो अपनी आवाज मैं जरुरत से ज्यादा चाशनी घोलते हुए बोला क्या आप दुनिया मैं अकेली है ? हां अपना कहने को मेरे पास कोई नहीं माया उदास होती हुए बोली वरुण ने सहानभूति दिखाते हुए माया का कन्धा सहलाया ओह्ह्ह --- यह उसका पैतरा था माया ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं दिखाई - वाओ लड़की सेट हो जायगी यह सोचते ही वरुण की बाछे खिल गई - वरुण अपना हाथ थोडा निचे पीठ पर सरकाते हुए बोला आप इस भरी दुनिया मैं बिलकुल अकेली है बड़ा दुःख हुआ- लड़की फिर वरुण को देखने लगी इस बार वरुण ने कंधो से हाथ उठा लिया और बोला आप करती क्या है और रहती कहा है ? वरुण के अन्दर का वहशी जानवर एक झपट्टे मैं उस लड़की पर टूट पड़ना चाह रहा था पर उसका अनुभव उसे रोक रहा था सब्र कर और दाना डाल- जी १८ वर्ष तक तो मैं एक आनाथालय मैं रही फिर स्कॉलरशिप मिल जाने के बाद मैं २ साल से सेंट मारिया कालेज मैं पड़ने लगी वही से मेरी रूम मेट मुझे झूट बोल कर ले आई मेरे पास तो कपडे भी नहीं थे उसी ने अपनी साडी दी और यहाँ सब लोग शराब पी कर उलटी सीधी हरकते कर रहे थे एक लड़का तो मुझे खिच कर बेडरूम मैं ले गया- फिर? वरुण की उत्सुकता चरम पर थी फिर उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और मुझे चिल्लाने भी नहीं दिया - कैसे ? वरुण ने जल्दी से पुछा लड़की उसकी उत्सुकता का मजा ले रही थी वो मुस्कुराते हुए बोली आपको नहीं पता कैसे ? वरुण का दिल बल्लियों उछलने लगा था ओह हो उतनी शरीफ नहीं है जितना लग रही थी फिर क्या हुआ माया इस बार जी लगाने का तक्कलुफ़ नहीं किया वरुण ने- फिर मैंने बड़ी मुश्किल से अपने आपको छुड़ाया और वह से भाग निकली - शाबाश कह कर वरुण ने अपना हाथ उसकी जांघो पर मारा माया थोड़ी सी सकपकाई पर बोली कुछ नहीं वरुण की हिम्मत बढने लगी थी तुम खूबसूरत तो हो ही बहादुर भी हो वैरी गुड शब्दों के साथ साथ वरुण का हाथ माया की जांघो के ऊपर चल रहा था फिर वो बोला तुम अभी जवान हो खूबसूरत हो लाइफ को एन्जॉय करो तुम्हारी हमउमर लडकिया यही करती है आजकल ! जी एन्जॉय करने के लिए पार्टनर मनपसंद होना चहिये कोई आपसे जबरदस्ती करे तो कैसा लगेगा ? बात तो तुमने ठीक कही - कहो कैसा पार्टनर पसंद है तुम्हे ? मैं दुंद लूँगा माया मुस्कुराई और बोली जो आप जैसा हो टाल डार्क हेंडसम जो ओरतो की इज्जत करे और पैसे वाला भी हो वरुण ने सोचा वो मारा पापड वाले को तीर निशाने पर था आज तो शिकार आगे से चल कर आगया

वरुण ने माया की कमर मैं हाथ डाला और अपनी ओर खीचते हुए बोला मुझ जैसा क्यों मुझे ही बना लो ना अपना पार्टनर बन्दा तो आपको देखते ही आपका गुलाम हो गया था और उसने माया के गालो को चूम लिया चलो छोड़ो ना प्लीज माया ने अपने आपको छुड़ाने का उपक्रम सा किया जैसे उसे वरुण का ऐसे करना बहुत अच्छा लग रहा हो वरुण अब आगे का प्लान बनाने लगा आज कहा उसे रात काली लग रही थी और अब तो वो यह रात रंगीन करना चाहता था जल्द से जल्द उसने गाड़ी कच्चे रस्ते पर मोड़ दी माया उसके कंधे पर आँखे मूंदे हुए लेटी थी जब उबड़ खाबड़ रास्तो पर गाड़ी उछलने लगी तो वो चौक के उठी क्या हुआ वरुण बोला कुछ नहीं शहर का शोर्ट कट रास्ता है जल्दी पहुच जायगे थोडा और अन्दर नदी की तरफ जंगल मैं आगे बढने पर वरुण ने गाड़ी रोक दी लगता है इंजन गरम हो गया है वरुण गाड़ी से उतर कर बोनट उठाते हुए गाड़ी को चेक करने का नाटक करने लगा माया भी निचे उतर आई और अंगड़ाई लेने लगी वरुण उसको ही देख रहा था अब उससे और रुका नहीं गया उसने जा कर माया को दबोच लिया और बेतहाशा उसे चूमने लगा माया के बालो से गिरता पानी और उसके गिले कपडे उसे भिगोये दे रहे थे पर इस सर्द रात में उसे ठण्ड की परवाह ही कहा थी माया चुपचाप समपर्ण कर चुकी थी वरुण उसे गोदी मैं उठा पास के एक पत्थर पर ले गया वो आज उस की उड़ाई गई खिल्ली और बेइज्जती के पलो का सारा बदला माया से उतारेगा माया को प्यार करते हुए पता नहीं क्यों उस डांसर लड़की का चेहरा उसके सामने आ रहा था कैसे वो उसके पीटने का मजाक उड़ा रही थी वो सारी हवस माया पर उतार देगा माया पत्थर पर आँखे बंद किये पड़ी थी बिलकुल शांत वरुण उस पर टूट पड़ा अचानक उसका शरीर पत्थर से रगड़ खाने लगा उसने आँखे खोली तो माया वहा नहीं थी वरुण चौक के उठा अपने कपडे ठीक करते हुए वो इधर उधर देखने लगा तभी एक पेड़ के निचे माया बिना कपड़ो के खड़ी दिखाई दी वो हँसते हुए उसे ही बुला रही थी वरुण की सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो गई थी वो इस समय वासना के पंजो मैं जकड़ा हुआ था वो माया की तरफ बढने लगा माया की हँसी अब अट्टहास मैं बदल चुकी थी वरुण ठिटक कर रुक गया माया का कद बढने लगा वो पेड़ से भी लम्बी लगने लगी उसने अपना हाथ बदाया आओ प्यार करो मुझे आओ मेरे पास वरुण - एक चीख के साथ जंगल मैं फिर से सन्नाटा छा गया

अगले दिन शहर के हर व्यक्ति की जुबान पर चर्चा थी जंगल वाली सडक पर फिर एक नोंजवान की लाश नदी किनारे मिली है आखिर क्यों वो जंगल के अन्दर गया उसकी कार भी ठीक ठाक थी शर्रीर पर हलकी खरोचों के अलावा कोई चोट नहीं अखबारों मैं यह खबर कुछ दिन सुर्खियो मैं बनी रही फिर लोग इस किस्से को भी भूल गए

पर वो छलावा आज भी उस लैंप पोस्ट के निचे सुनसान रातो मैं इन्तजार करता है किसी हवस के अंधे का !!

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