सोल्मेट्स ???




धारावाहिक कहानी

(SOULMATES ??? ... इस कहानी के टाइटल मे एक प्रश्न हैं ... और उत्तर कहानी में... इस कहानी को पठन करने वाले हर किसी का अपना खुद का अलग उत्तर होगा ... तो पढ़िये कहानी)........


पात्र परिचय...

रिया , संकेत, अनुकल्प, सिम्मि, अदिति, अभी ...


Chapter: 01 (इंट्रोडकशन)


रिया अपने जिम कि औफिस में बैठी अपना फेस्बुक एकाउनट चेक कर रही थी... अचानक उसकी नज़र अपने मेसेज बौक्स मै आये एक मेसेज पर जाती है.. किसी संकेत का मेसेज था... वो संकेत का प्रोफयील चेक करती है तब पता चलता है की संकेत रिया के किसी फेस्बुक फ्रेंड का फ्रेंड थाऔर रिया ने उसकी फ्रेंड रिक़्वेस्ट पहले ही एक्सेप्ट की थी... मेसेज मे उसने लिखा था ...

संकेत: "हाय रिया, हम एक दूसरे को नही जानते पर फिर भी आपने मेरी रिक़्वेस्ट एक्सेप्ट की इस लिये थैंक यु ...

रिया इस मेसेज का रिप्लाइ करती है " यु आर वेल्कम"... संकेत आन्लइन ही था ...

संकेत: हए रिया हाव आर यु ? लेट मि इंट्रोड्यूस माय सेल्फ... मि संकेत, फ्रोम गुजरात अहमदाबाद

रिया: ओह्ह मि अल्सो फ्रोम अहमदाबाद , लेकिन शादी के बाद से मुंबई रहती हु...

संकेत: रिया यू लूक्स रियली ब्यूटिफुल आई एम जेलस ओफ योर हस्बेंड...

रिया: स्टोप टु फ्लर्टिंग संकेत ... मैं जानती हूं तुम कहते हो उतनी कोई मै खूबसूरत नही हूं ...

संकेत: मैं सच कह रहा हु रिया... आई रियली लाइक यू.

रिया: क्या? मैने तुम्हारी रिक़्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और हाय हेलो कर लिया इसका ये मतलब नही की तुम इसका कुछ और मतलब निकालो ... शायद मेरी ही गलती हो गयी जो तुम्हारे मेसेज को रिप्लाइ दिया... बाय

ये मेसेज लिखकर रिया फेस्बुक बंद कर देती हे... वोह सोचती हे कैसे होते हे लोग ... सिर्फ बात करो तो शुरू ही हो जाते हे ... और वो मोबाइल मैं टाइम देखती हे तो शाम के 5 बज चुके होते हे , वो सब वाइंड अप करती हे और घर के लिये निकलती हे...


संकेत एक 35 साल का हैंड्सम नौजवान हे ... एक मल्टिनेशनल कम्पनि मैं एच आर के तौर पर जोब करता हे वेल सेटल शादीशुदा हे, एक देढ साल का बेटा भी हे... पर आज भी वो किसी भी खूबसूरत लडकी को झट से पटा लेता हे ... उसे खुद पर काफ़ी यकिन हे, फेसबुक पर भी वह आसानी से लडकी पटा लेता हे और इसी वजह से रिया के रिप्लाइ के बाद वो सोचता हे की आज पहेली बार कोई लडकी हाथ से निकल गयी... शायद मेने बहुत जल्दबाज़ी कर दी... क्या किया जाये ... एक और ट्राय करते हे ... जाने दो कही भड़क वडक गयी तो ... कुछ देर सोचने के बाद वो डिसाईड करता है कमसे कम एक सौरी का मेसेज तो करते हे ...



रिया घर पहुचती है और फ्रेश होकर वो बेडरूम मे चेंज करते हुए आइने मे खुद को निहारती हे ...

रिया के बारे मे कहा जाए तो वो प्यूर इन्डियन लूक वाली सीम्पल और खूबसूरत औरत है, मिडियम फीगर है, वह साडी मै हो और कमर तक आने वाले लंबे घने बाल जब वो खुले छोडती हे तब उसकी खूबसूरती मै चार चांद लग जाते है ... उसने फाइन आर्ट मै मास्टर किया है, बहुत बेहतरीन पेंटर है और अब कोलाबा मे उसका खुद का एक लेडी जीम है... रिया खुद की खूबसूरती पर बहुत गर्व करती है , और इसी एटिट्यूड की वजह से वो किसी से जल्दी बात करना अवोइड करती है ...


डिनर और बाकि सारे कामो मै रिया संकेत के साथ चेट वाली बात पूरी तराह भुल जाती हे... वो अपने पति अनुकल्प का इंतज़ार करते हुए टीवी देख रही है की उसकी मोबाइल की रिंग बजती हे ... देखती है तो उसकी सबसे बेस्ट फ्रेंड अदिति का कोल है जो अब ओस्ट्रीलीया मै रहती है...

अदिति: हाय रिया ... कैसी हो ? 10 दिन हो गये ना कोई कोल, ना मेसेज क्या बात है ? सब ठीक तो हे ना ?

रिया: अदि सब ठीक हे बस कुछ दिनो से काम और घर के बीच बिजी थी तो रह गया ... तु बता कैसी हे ? क्या चल रहा है आज कल ?

अदिति: सब बताउंगी वहा आकर

रिया: क्या ? यहा आकर मतलब ? तु इन्डिया आ रही है ? कब ??

अदिति: नेक्स्ट वीक ... यही बताने कोल किया था ... में और मेरा बोईफ्रेंड अभि दोनो ही आ रहे है ... चल बाद मै कोल करती हुं थोडी जल्दी मे हुं ... बाय ... टेक केर...

रिया बहुत खुश थी क्योंकी अदिति रिया की कालेज टाइम की और सबसे क्लोज फ्रेंड थी... उन दोनो के बीच कोई ऐसी बात नही थी जो दोनो ने एक दूसरे से शेर ना की हो... वो सोच में डुबी हुई थी की डोर बेल बजती हे... वो डोर ओपन करती हे ,सामने अनुकल्प खडा है, दोनो अंदर आते है, अनुकल्प बेडरूम मैं जाता है और रिया डाइनींग टेबल पर खाना लगाती है... फ्रेश होकर अनुकल्प आता है और दोनो खाने बैठते है और कैजुअल बाते होती है ... रिया अनुकल्प को अदिति के इन्डिया आने के बारे में बताती है,अनुकल्प सिर्फ गूड इतना ही रिप्लाइ करता है, जल्दी डिनर नीपटा कर वो रिया को बताता है की वो बहुत थका हुआ है और कल जल्दी जाना है तो सोने जा रहा है, तुम अपना डिनर आराम से कर लेना... अनुकल्प के जाने के बाद रिया अपना डिनर कम्प्लिट करके सब काम निपटा कर टीवी ओन करके बैठती है, पर उसके दिमाग मै खयाल दौड रहे है...अदिति, रिया और अनुकल्प कोलेज से एक साथ है और अछछे दोस्त भी, फिर भी अदिति के इतने सालो बाद इन्डिया आने कि खबर सुन कर अनुकल्प का कोई रिय्क्शन नही ! ... आजकल ऐसे ही चलता है, औफिस से आकर अपना डिनर कम्प्लिट करके वो सीधा बेडरूम मैं चला जाता है... या तो औफिस काम निपटाने में जुड जाता है या फिर सो जाता है... कितने दिन हो गये हमें रिलैक्स होकर साथ बैठ कर बातें किये हुए...

इन सब खयालों मैं डूबी हुई रिया हौल मैं सोफे पर बैठे बैठे कब सो गयी पता ही नही चला ... टी वी की रोशनी बीच बीच मैं अन्धेरे कमरे मैं कुछ देर के लिये झगमगाती रहती हैं...



--- शेष अगले अंक में



chapter 02 (रिया की लाइफ)


सुबह जब रिया की आँख खुलती है तो घडी मैं सुबह के ०५. ३० बजे हैं. रिया की नींद अभी पूरी तरह से खुली नहीं हैं. उसके वो बिखरे बाल, अलसियाई सी अधखुली आँखे उसकी खूबसूरती को चार चाँद लगा रही हैं. पर अनुकल्प के पास ये सब देखने के लिए वक़्त ही नहीं. रिया उठकर देखती हे अनुकल्प बैडरूम मैं सो रहा है. वो अपने रोजमराह के काम मैं लग जाती हैं. नहा-धोकर फ्रेश होकर वो रसोई मैं आती है और सुबह का नाश्ता तैयार करती हैं. तब तक अनुकल्प भी उठकर फ्रेश होकर डाइनिंग टेबल पर आता हैं.

रिया : गुड मॉर्निंग अनु.

अनुकल्प : वेरी गुड मॉर्निंग (कहकर अपना जूस और नाश्ता कम्पलीट करने मैं लग जाता हैं.)


रिया अनुकल्प से बातें कर रही हैं लेकिन अनुकल्प का ध्यान कही और हैं. वो सिर्फ हम्म , हां, ओके मैं रिप्लाई करता हैं. और जैसे ही ब्रेकफास्ट ख़तम होता हैं , अनुकल्प रिया से ...


अनुकल्प : सुनो रिया आज शाम को जल्दी फ्री हो जाना, हमें पार्टी मैं जाना हैं , ०६.०० बजे तक मैं तुम्हे जिम से ही पिक-अप कर लूँगा.


कहकर वो नहाने चला जाता हैं...


रिया उसे जाते देखती रहती हैं. उसे अनुकल्प की पार्टिस मैं जाना बिलकुल अच्छा नहीं लगता. ऐसा नहीं की उसे पार्टिस पसंद नहीं, पर अनुकल्प की ये पार्टिस मोस्टली बिज़नेस पार्टिस होती हैं. यहाँ अनुकल्प अपने ग्रुप मैं वही काम की बातों मैं बिजी हो जाता हैं और रिया एक कोने मैं अपना ड्रिंक लिए बोर होती हैं.

अनुकल्प रेडी होकर जाते हुए फिर से एक बार शाम के बारे मैं रिमाइंड करवाता हैं, और निकल जाता हैं...


रिया भी काम निपटा कर जिम के लिए निकल जाती हैं.

रिया अपने रूटीन मैं संकेत के बारे मैं और उसके साथ हुए चैट के बारे मैं बिलकुल भूल ही चुकी हैं.

शाम को अनुकल्प टाइम पर उसे पिक-अप कर लेता है, और रिया हमेशा की तरह उस पार्टी मैं कोने मैं बैठी गिलास लिए बोर हो रही हैं. तभी उसे अदिति का कॉल आता हैं. वो कॉल रिसीव करके एक तरफ चली जाती हैं और बात करने लगती हैं.


अदिति : हाई मेडम, क्या चल रहा हैं ???

रिया : कुछ नहीं, वही अनुकल्प की बोरिंग पार्टी मैं उबा रही हूँ.

अदिति : मुझे इंडिया आने दो, इस अनुकल्प के बच्चे को जी भर कर डांटती हूँ. कमीना मुझे तो भूल ही चूका हैं, पर कमसेकम तेरा तो ख़याल रखे.


रिया और अदिति हसने लगते हैं.

अदिति : खैर छोड़ो ये सब, मैडम मेरी मानो तो पार्टी मैं कोई हैंडसम हो तो अफेयर कर लो. फिर देखो कैसे वो अनुकल्प का बच्चा जेलोस होकर अपने आप तुम्हारे पीछे खींचा चला आएगा.

अदिति की बात सुनकर अचानक ही रिया को ऍफ़ बी चैट और संकेत याद आते हैं. वो अदिति से संकेत के साथ हुए चैट की बात शेयर करती हैं.

अदिति : ओये होये , उसकी कोई पिक विक हो तो हमें भी दिखाओ. कैसा दिखता हैं ???

रिया : शट अप यार. स्टुपिड नार्मल चैट मैं सीधा फलर्टिंग पर आ गया. किससे बात कर रहा है, क्या बात कर रहा हैं, कुछ तो सेन्स होना चाहिए ना.

अदिति : अरे इट्स ओके यार, आज कल यही चलता हैं , डायरेक्ट पॉइंट पर आ जाओ, इधर उधर की बातो मैं बिना मतलब टाइम वेस्ट करना. मुझे तो अच्छा लगा की उसने जो मनमें था सीधा बोल दिया. अगर डिसेंट और हैंडसम बंदा हैं तो थोड़ा फ्रेंडली टाइमपास करने मैं कोई हर्ज नहीं. तुम्हारा भी टाइम निकल जाएगा और माइंड थोड़ा डाइवर्ट होगा.


ये बात चल रही हैं इतने मैं अनुकल्प रिया को आवाज देता है. रिया अदिति को बाद मैं बात करते हैं बोलके कॉल कट करती हैं. अनुकल्प और रिया पार्टी से निकलते है. रस्ते मैं रिया के दिमाग मैं अदिति की कही बाते घूम रही हैं. संकेत दिखने मैं टी हैंडसम और डिसेंट लगता हैं. हो सकता हैं अदिती ने बताया वैसे वो नार्मल फ्लिर्टिंग कर रहा हो. अगर वो अच्छे से बात करता हैं तो चैट करने मैं कोई हर्ज़ नहीं. रिया सोच मैं खोई हैं और घर आ जाता हैं उसे पता भी नहीं चलता.

घर के अंदर जाकर अनुकल्प और रिया थोड़ी देर ड्राइंग रूम मैं बैठते हैं.

अनुकल्प : (रिलैक्स मूड मैं) हनी तुम बता रही थी अदिति आ रही हैं. मैं तो पूछना ही भूल गया था , कैसी है वो ??? उससे कहना टाइम लेकर आये और थोड़े दिन यहीं पर रुके.

रिया: हाँ , वो कुछ दिन यहीं रुकने वाली हैं. और हां कह रही थी साथ में उसका बॉयफ्रेंड भी आने वाला हैं.

अनुकल्प: ओह धेट्स गुड. तो उसके आने पर कुछ प्लान करते हैं.


रिया अनुकल्प की बात सुन कर खुश हो जाती हैं. वो अनुकल्प के पास जाकर बैठती हैं और उसके कंधे पर सर रख देती हैं. अनुकल्प उसे नज़दीक खींचता है , और उसका चेहरा दोनों हाथो मैं पकड़कर अपने होंठ उसके होंठो के पास ले आता हैं की उतने मैं ही उसके फ़ोन की रिंग बजती हैं. वो कॉल रिसीव करता हैं. फ़ोन पर कुछ बात करके रिया के पास आकर कहता हैं.

अनुकल्प : सॉरी हनी क्लाइंट का कॉल हैं. अर्जेंट हैं. सी यू इन मॉर्निंग. गुड नाईट.

कहकर स्टडी रूम मैं चला जाता हैं. रिया भी बैडरूम मैं जाती हैं और कपडे चेंज कर लेती हैं.


वो बैड पर बैठती हैं और अपना लेपटॉप स्टार्ट करती है. जैसे ही वो नेट स्टार्ट करती हैं. उसके मैसेंजर मैं संकेत के मैसेजिस हैं. वो मैसेजिस ओपन करके पढ़ती हैं तो संकेत ने अपने पिछले चैट के लिए माफ़ी मांगी हैं और उसने लिखा हैं की वो कैसुअल फ़्लर्ट कर रहा था, और रिया को हर्ट करने का उसका कोई इरादा नहीं था. और इसी तरह जो ३-४ मैसेजिस हैं उसमें उसने बार बार माफ़ी मांगी हैं. रिया ये पढ़कर सोचती हैं की शायद संकेत के बारे मैं राय कायम करने मैं उसने बहोत जल्दबाजी कर दी हैं.


वो उसे " इट्स ओके " का रिप्लाई देती हैं.



--- शेष अगले अंक में



chapter 03 ( संकेत से दोस्ती)


वो उसे " इट्स ओके " का रिप्लाई देती हैं.

और संकेत के मैसेज का इंतज़ार करते हुए फेसबुक , व्हाट्सप पर थोड़ा समय व्यतीत करती हैं. देर तक ऑनलाइन रहने के बाद वह फिर से एक बार मेसेंजर चेक करती हैं. पर न तो संकेत ऑनलाइन आया होता हैं. नाही उसने मेसेज पढ़ा हैं. शायद वो सो गया होगा सोचकर रिया फ़ोन बंद करके सोने लगती हैं. वो इंटरनेट ऑफ करना भूल जाती हैं. अभी बिस्तर मैं थोड़ी देर लेटी ही हैं, की मैसेज टोन बजती हैं. वो फ़ोन लेकर मेसेज देखती है तो संकेत का मेसेज हैं.

संकेत: थैंक गॉड की तुमने मुझे माफ़ कर दिया.

रिया: हम्म , इस बार के लिए हां, पर अगली बार बी केयर फूल.

संकेत: जी मेडम , आई विल बी केयरफुल नेक्स्ट टाइम. एनीवे हम पिछली चैट भूलकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करे तो ?

रिया: दट्स बेटर.

संकेत: सो , हाय आई एम् संकेत. संकेत शाआ.

रिया : जी हां , और तुम अहमदाबाद , गुजरात से हो. यहाँ तक की कहानी तो ऑलरेडी तुम सुना चुके हो. संकेत: हम्म्म , मैं एक मुल्टिनॅशनल कंपनी मैं एच आर हूँ.

रिया : दट्स गुड

संकेत: और मैं शादीशुदा हूँ. बीवी हाउसवाइफ हैं. और हमें डेढ़ साल का एक बेटा हैं.

रिया: वाऊ टू ऑनेस्ट. आए एम् इम्प्रेस. अब कही जाकर सही मायने मैं तुम्हारा रियल फ्रेंडशिप का ऑनेस्ट इरादा दिखाए देता हैं. वैसे इस वक्त तुम मुझ से चैट कर रहे हो तो तुम्हारी वाइफ को पता हैं ?

संकेत: नहीं. वो तो कबकी सो गयी. मेरे बेटे की मॉर्निंग स्कूल की वजह से उसे जल्दी उठना पड़ता हैं. सो. .....

रिया: हम्म समझ सकती हूँ.

संकेत: वैसे आपके हस्बैंड ??

रिया: उनका खुद का बुसिनेस हैं तो फॉरेन क्लाइंटस के साथ कॉलिंग पर बिजी हैं.

संकेत: ओके. चलो रिया, हम कल बात करते हैं. मुझे भी सुबह जल्दी जाना हैं सो गुड नाईट. .... कल फ्री टाइम मैं बात करता हूँ.

रिया: ओके श्योर . गुड नाईट.

लिख कर मेस्सेंजर और इंटनेट दोनों बंद करती हैं. संकेत सच मैं अच्छा बंदा हैं. उससे थोड़ीदेर और बाते करने का मन था पर खैर. यह सोचते हुए आँखे मूँद लेती हैं.


यहाँ संकेत बिस्तर पर लेटे लेटे सोच रहा हैं की उसने क्यों रिया के साथ अपनी शादीशुदा ज़िंदगी का ज़िक्र किया , जबकि वो तो उसके साथ सिर्फ टाइमपास करने मैं इंट्रेस्टेड हैं. खुद के इस तरह पेश आने पर वो खुद ही हैरान था. सोचते सोचते कब उसकी आँख लग गयी पता ही नहीं चला.

अगली सुबह सिम्मी की आवाज से उसकी नींद खुलती हैं. वो आँखे मसलता हुआ घडी देखता हैं तो सुबह के ०९. ०० बज चुके हैं. और सिम्मी मीठी डांट लगा रही हैं.

सिम्मी: (सीधी साधी पर खूबसूरत घरेलु औरत हैं. पढ़ी लिखी हैं. पर घर और फॅमिली के लिए जॉब नहीं करने का डिसिशन लिया हैं. ) (संकेत को चाय देकर एक मीठी मुस्कान के साथ )

संकेत पता नहीं रात रात भर किससे बाते करते रहते हो की सुबह ऑफिस टाइम होने तक आँख नहीं खुलती तुम्हारी. कौन सी ब्यूटीफुल के चक्कर मैं पड़े हो, मुज़से भी तो मुलाकात करवालो. (कहकर हॅसने लगती हैं.)

संकेत: (चाय कम्पलीट करके बाथरूम की और भागते हुए) हाँ हाँ बस मुज़से मुलाकात हो जाये , तुरंत ही तुम्हे मिलवाता हूँ. (सिम्मी झूठा गुस्सा करते हुए उसके तरफ बढ़ती हैं की वो उसे बाथरूम मैं खींच कर दरवाजा बंद कर देता हैं. )


--- शेष अगले अंक में


chapter 04 (अदिति इंडिया मैं)


रिया नहाकर बाथरूम से बहार आती हैं. आज वो फटाफट सबकुछ निपटाकर जिम जाने निकल पड़ती हैं. आज वो थोड़ी जल्दी मैं हैं, जिम का काम भी फटाफट निपटा कर उसे वहाँ से एयरपोर्ट के लिए निकलना हैं. आज अदिति इंडिया आ रही हैं और रिया उसे रिसीव करने जाने वाली हैं. रिया आज बहोत खुश हैं. इतने सालो बाद वो अपनी एकलौती कॉलेज फ्रेंड से मिलने वाली हैं, और फिर कुछ दिन दोनों साथ ही रहेंगे.

दोपहर का टाइम हैं रिया एयरपोर्ट पर बड़ी एक्साइट होकर पेसेंजर्स को बहार निकलते देख रही हैं. उसकी नजरे अदिति को ढूंढ रही हैं. इतने मैं कोई पीछे से आकर उसकी आंखे ज़ोर से दबाकर चिल्लाती आवाज मैं पूछता हैं, बता कौन हैं ???

रिया : पागल इतने जोर से चिल्लाएगी तो कोई भी पहचान लेगा. ऐसा पागलपन एक ही लड़की कर सकती हैं. और दोनों. एकदूसरे से पागलो की तरह लिपट जाती हैं. थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने के बाद रिया अदिति के आसपास देखती हुई कंफ्यूज दिखाई पड़ती हैं.


अदिति: क्या हुआ ??? क्या ढूंढ रही हैं ??

रिया: वो तेरे साथ तेरा बॉयफ्रेंड आने वाला था न ??? नहीं आया क्या ??

अदिति: (हँसते हुए) अरे अभी की बात कर रही हैं ... वो लगेज क्लेम करने गया हैं. आएगा थोड़ी देर मैं सामान लेकर. चल तब तक कॉफ़ी पीते है.

रिया: (चलते हुए) बड़ी खुश किस्मत हैं "अभी" अभी से तेरी खिदमत मैं जुट गया हैं. (और दोनों हसने लगते हैं . )


दोनों एक कॉफ़ी पॉइन्ट पर बैठ कर दो कप कॉफ़ी मंगवाते हैं. दोनों इधर उधर की बातें कर रहे होते हैं की उतने मैं ही एक नौजवान लगेज लेकर उनकी और आता हैं. अदिति उसे रिया से इंट्रोड्यूस करती हैं.

अदिति: रिया ये है अभिजीत मुखर्जी. और अभी ये है मेरी सबसे नजदीकी दोस्त रिया मेहता.

रिया अभी से शेकहैंड करती हैं. मुखर्जी मीन्स बेंगोली !!! वॉव.

अभिजीत: यस. फ्रॉम कोलकाता.


रिया दोनों से कहती हैं


रिया: चलो घर चलते हैं. दोनों थके होंगे थोडा रिलैक्स हो जाओ फिर आराम से बातें होती रहेंगी.

अभी गाड़ी मैं सामान रख रहा हैं तब अदिति रिया से पूछती हैं,

अदिति: कैसा लगा अभी ??? वैसे आई नो ही इस माय हैंडसम हंक. बिलकुल बंगाली रोसोगुले की तरह.

रिया: (हँसते हुए) हां हां सही हैं. बस उसे खा मत जाना.

अदिति: (आँख मारते हुए) इरादा तो यही है.

और फिर से दोनों ज़ोर से हंस पड़ते हैं.


अभी , अदिति और रिया गाड़ी मैं बैठ कर निकल जाते हैं, और कॉफ़ी पॉइंट के उस टेबल पर कॉफ़ी के उस एक कप मैं रिया की आधी बची कॉफ़ी ऐसे ही छूट जाती हैं.


--- शेष अगले अंक में


chapter 05 (संकेत की उलझन )


संकेत कॉफी के कप को मुँह से लगता हैं. वो अपनी लैपटॉप की स्क्रीन पर नज़र गड़ाए हैं. पर उसका ध्यान कहीं और है. वो किसी सोच मैं डूबा हुआ है. उसके दिमाग मैं लगातार एक ही बात घूम रही हैं. उसने रिया को अपनी पर्सनल लाइफ के बारे मैं सच क्यों कहा ??? वो तो रिया के साथ टाइम पास कर रहा था. अगर पटी तो पटी वरना कोई और. ये सोचने वाले संकेत को रिया मैं ऐसा तो क्या इंट्रेस्ट पड़ा की उसने अपनी मैरिड होने के बारे मैं सच बता दिया. अब तो वो हाथ मैं आने से रही. खयालो के इस भॅवर मे वो ऐसा तो खोया हुआ था की उसे पता ही नहीं चला की उसके कप मैं अब कॉफ़ी ख़त्म हो चुकी हैं और वो खाली कप मुँह से लगाए बैठा हैं. और उसके पीछेसे उसका दोस्त आकर कबसे उसे इस हालत मैं देख रहा हैं.

उसका दोस्त संकेत के कंधे पर जब हाथ रखकर जोर से उसका कन्धा हिलाता हैं तब संकेत अचानक भौंचकका होकर उसे देखकर मुस्कुराकर पूछता है.


संकेत: अरे यार अनिल तू कब आया ?

अनिल: जब आप साहब अपने लैपटॉप की स्क्रीन को निहारने मैं खोये हुए थे तब. अबे इतना तो क्या खोना की कॉफ़ी खत्म होने पर भी खाली कप मुंह से लगाए रहना. कुछ टेंशन हैं क्या ???

संकेत: (हंसकर) नहीं यार टेंशन तो क्या हो सकती हैं . ऐसे ही थोड़ा सोच मैं डूबा था.

अनिल: हम्म .... समझ सकता हूं , यूँ अचानक ट्रांसफर होना . अब वहाँ नयी जगह , नए स्टाफ के साथ इतना जल्दी एडजस्ट करना ये सब आसान नहीं हैं, यहीं सब सोच मैं खोए हुए थे ना ?

संकेत: (मुंह खोले ये सब सुन रहा हैं. ) यार मैं समझ नहीं पा रहा ये तू किस बारे मैं बोल रहा हैं ??? किसका ट्रांसफर ?

अनिल: क्या बात कर रहा है ? तेरा ट्रांसफर हुआ हैं . नेक्स्ट दस दिन मैं तेरा वहाँ जोइनिंग हैं और तुझे नहीं पता ??? तो तू किस बारे में सोच रहा था ??

संकेत: अरे वो सब छोड़ ये मेरा ट्रांसफर हुआ ये तुझे किसने बताया ?

अनिल: अभी जस्ट सर की केबिन मैं था तब, तेरे ट्रांसफर का मेल आया हेडऑफिस से. तेरी पोस्ट और सेलेरी दोनों बढ़ गयी हैं. प्रोमोट किया गया हे तुझे

संकेत : और कहाँ भेजा जा रहा है मुझे ???

अनिल: मुंबई .... मेईन ब्रांच कोलाबा मैं.


संकेत : (चौंक कर) मुम्बई !!!!!!!


--- शेष अगले अंक में



chapter 06 (रिया और सिम्मी)


रिया ,अदिति और अभिजीत घर पहुंच चुके है . रिया अदिति का सामान खुद के कमरेमें रखवा कर अभिजीत का सामान उपरवाले कमरे मैं रखवाने जा ही रही होती हैं उतने मैं अदिति रिया को बताती हैं की अभिजीत का फॅमिली मुम्बई मैं ही है तो वो अपने घर जा रहा हैं. रिया उसे फ्रेश होकर चाय नाश्ता करके जाने का अनुरोध करती है. आख़िरकार रात का डिनर सब साथ लेंगे ऐसा तय होता हैं और अभिजीत वहां से निकल जाता है. यहाँ अदिति फ्रेश होकर आती हैं तब तक रिया उसके लिए चाय नाश्ता तैयार करती है. अदिति के आते ही दोनों रिया के कमरे मैं गप्पे लड़ाते बैठतीं हैं.







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