मैं बीमार नहीं हूँ

" इना, गहरी सांस लो. एसे, हाँ . नर्स ...पेशंट को अन्दर के कमरे में ले लो."

डॉ.गुप्ता पिछली पांच मिनट से इना की धड़कन स्टेथोस्कोप से जाँच रहे थे | हर बार इना के उपरी हिस्सों में अलग अलग जगह पर वह स्टेथो दबा रहे थे | इना को बेहद संकोच हो रहा था | इना तेरह साल की अपने ममी-पापा की इकलौती लड़की थी | पिछले कुछ दिनों से उसको नए दांत आ रहे थे इसलिए मुहं में कुछ दर्द सा रहता था | उसके मना करने के बावजूद उसके पापा इना को उनके फेमिली डोक्टर गुप्ता के पास ले आये थे |

नर्स ने इना को एक अन्दर वाले कमरे में बेड पर सुला दिया | डॉ.गुप्ता ने बाकी सबको बाहर भेज दिया | डॉ.गुप्ता ने इना के टॉप के अन्दर हाथ डालकर कर जाँच की|कुछ समय बाद दोनों बाहर आ गए | डॉ. गुप्ता ने कुछ दवाई लिख दी और दो दिन के बाद वापस आने को बोल दिया |हर बार डॉ.गुप्ता इना को जाते समय चोकलेट देते और इना उसको ख़ुशी ख़ुशी ले लेती |

इना को हर महीने चेकअप के लिए उसके पापा डॉ.गुप्ता के पास ले आते थे |इना हर बार डॉक्टर के पास न जाने के लिए हजार बहाने देती लेकिन उसके पापा के सामने उसकी एक न चलती | इना की ममी जॉब में व्यस्त होने के कारण उसको चेकअप के लिए ले जाने का काम उसके पापा ही देखते थे | कुछ भी न होने के बावजूद डॉ.गुप्ता हर बार इना का पेट जांचते और उसके अंगो को स्पर्श करते | यह बात वह पापा को कैसे बताए | इसलिए वह मौन ही रहती | वो सिर्फ इतना बोलती की मैं बीमार नहीं हूँ |

इना की एक दोस्त थी पूजा | दोनों साथ में ही खेलते और स्कुल भी जाते थे | उसकी दोस्त उसके पड़ोस में ही रहती थी | एक दिन इना की दोस्त पूजा की माँ इना के घर आयी और उसने इना की ममी से बात करी | इना के बारे में कुछ अजीब सी बाते उस दिन पूजा की माँ ने बताई | इना की माँ को उनकी बातो पर भरोसा ही न हुआ | बात कुछ एसी थी की एक दोपहर इना और पूजा दोनों पूजा के घर कुछ खेल रहे थे | खेल खेल में हो रही बातो ने पूजा की माँ का ध्यान खींचा और वो दोनों बच्चियों को झांक कर देखने लगी | जो उन्हों ने देखा वो सामान्य नहीं था |इतनी अजीब बाते बच्चों के दिमाग में कैसे आ सकती है वह सोच सोच कर पागल हो रही थी | और फिर उन्हों ने यह बात आकर इना की माँ को बताई |

दोनों माँओ ने दूसरे दिन दोनों बच्चियों को दूर से ओबर्स्व किया | दोनों बच्चियां खेल में मशगूल थी | इना डॉक्टर बनी थी और पूजा पेशंट | इना पूजा के कपडों में हाथ डाल कर उसके गुप्त अंगो को पकड़कर जाँच रही थी |यहाँ तक की इना ने पूजा के पेंट में भी हाथ डाला | और फिर इना बोली की आज तुम्हे दो डेरी मिल्क मिलेगी क्यूंकि आज तुम बहुत अच्छी बच्ची बनकर रही | यह देखकर इना की माँ के पैरो तले से जमीन खिसक गई | उसने तुरंत यह बात अपने पति को बताई | और दोनों ने प्लान बनाकर इना के अगले चेकअप में डॉ.गुप्ता की काली करतूतों का पर्दाफाश कर दिया | दोनों ने यह बात न्यूज़ चैनल और अखबारों तक भी पहुंचा दी |

इना के साथ बात बिगड़ते बिगड़ते बच गई थी | लेकिन कई नाबालिक उम्र की लडकियों के अंगो को जांचना और उनके नासमझ होने का फायदा उठाया जाता है |माता पिता को एसी छोटी छोटी बातो पर गौर करना चाहिए | कई बार लड़कियां अपने पिता के साथ बाते खुलकर नहीं कर पाती है एसी चीजों में माँ की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है |

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