आखिर क्या चाहती हो ?

रविवार, १४ अगस्त

' रात ग्यारह बजे कोई लगातार शालू को मेसेज क्यूँ भेजेगा।'

रवि ने आज से पहले कभी शालू का फ़ोन नहीं छुआ था और छुता भी क्यूँ वो शालू पर माँ-बाप से अधिक भरोसा करता था तभी तो किसी की परवाह किए बिना शालू से अभी दो महीने पहले कोर्ट मैरेज की थी। शालू शावर ले रही थी और रवि लैपटॉप पर काम में व्यस्त था। लेकिन यह लगातार बीप ... बीप... की आवाज ने रवि को सोचने पर मजबूर कर दिया। रवि ने शालू को कई बार फोन स्क्रीन अनलॉक करते देखा था, उसने फ़ोन उठाकर अनलॉक किया। व्हाट्सएप्प पर पंकज के बाईस अनपढ़े मेसेज थे। रवि आनेवाले तूफान के पहले वाली साँसे ले रहा था और शायद उसे इस बात का अंदाजा भी लग गया था।

- 'कितना टाइम लोगी शावर में? तुम्हारा बेबी तैयार है।' दुखी स्माइली

- 'पाँच मिनट बोला था आपने मिस शर्मा। हमारा भी खयाल करलो।' परेशां स्माइली

- ' अब दोनों अच्छे बच्चे शावर लेंगे। ' हग्गिंग स्माइली

आगे के मेसेज पढ़ने की रवि में हिम्मत न बची थी। पंकज शालू की ऑफिस में था यह बात रवि जानता था लेकिन उसने कभी संदेह नहीं किया था, और फिर उसकी खुद की भी तो लव मैरेज ही थी। वह टूट चूका था लेकिन वह यह भी जानना चाहता था की शालू ने पंकज के साथ क्या बातें की थी जो कभी उसके साथ नहीं की। इसलिए वह स्क्रोल करता गया और एक के बाद एक मेसेज पढता गया उसकी आँखों से गरम आँसू बहते चले। उसने शुरू से देखना चाहा।

शादी के पाँचवे दिन -

- शालू - 'पंकज यु देयर ?'

- पंकज -' हेय शालू, कैसी हो? शादीशुदा लाइफ कैसी है ?

- शालू - 'क्या बताऊँ पंकज। बाकि सब तो ठीक है लेकिन रवि..'

- पंकज - ' हा हा ... अब हर कोई मेरे जैसा थोड़ी हो सकता है ' विंकी स्माइली

- शालू - 'मज़ाक नहीं है पंकज। इसीलिए मैंने शादी से पहले रवि के साथ कसौली जाने का प्लान किया था, लेकिन वहां भी पंकज .. मुझे इतना ढीलापन जरा भी पसंद नहीं है. जो बात हम में थी वो नहीं है। पंकज बहुत सेंसिटिव किसम का लड़का है। जो मुझे पसंद भी है लेकिन वह बहुत पुराने ख़यालात वाला है। वो लाइट तक बुझा देने को कहता है।'

- पंकज - 'देख शालू , अब ये सब बातों का कोई फायदा नहीं है, मैंने तुमसे सिर्फ एक साल और माँगा था, और फिर मेरे घर पर भी बात चलाई थी। माँ और बाबुजी मान भी गए थे लेकिन ताऊजी का साथ लेने के लिए समय माँगा था। लेकिन तुम ने तब फैसला ले लिया और पंकज से नजदीकियां बढ़ाई।'

- शालू - ' हम्म्म्म '

- पंकज - ' तुम्हे पता है मैं तुमसे कितना प्यार अभी भी करता हूँ, यहाँ तक की तुम्हारी शादी में भी नहीं आया फिर भी तुमने मुझे यह बात बताई, आखिर तुम चाहती क्या हो ?

- शालू - ' ओफ्फो, पंकज बात कहा से कहा ले जा रहे हो. जाओ नहीं बात करनी। एक तो यहाँ घुटन से मर रहे है और तुम्हे भी लेक्चर देना है।

- पंकज - ' अच्छा बाबा, माफ़ कर दो.. ख़ाना खाया मेरा बच्चा ? किस स्माइली

शालू - 'हाँ , खाया और अभी बैठा है उदास' रोता स्माइली

पंकज - ' आ जाओ इधर मेरे पास.. ' किस स्माइली

शालू - ' आ गई ' रोता स्माइली

.

.

.

.

.

.

( एक दिन का ५००० से ज्यादा लाइन का चैटिंग था, )

.

.

.

.

.

.

( करीब २० मिनट स्क्रोल डाउन करने के बाद ७ अगस्त के मेसेज ) -

शालू - 'पंकज यह लॉन्ग वीकेंड पर मिलते है न? मैं बोल दूंगी ऑफिस से मुम्बई जाना है। बहुत हो गया फोन पर '

पंकज - 'शालू क्या तू पक्का ये सब करना चाहती है? इसे तेरी शादी पर असर हो सकता है.'

शालू - 'पंकज तेरी प्रॉब्लम ही यह है, तू बहुत दूर की सोच लेता है। '

पंकज - ' अच्छा बाबा, ठीक है लेकिन तुम अपना पिंक वाला सलवार पहनना। मुझे उसमे तुम बहुत अच्छी लगती हो।'

शालू - ' और तुम शेव करके आना और मेरी दी हुई ग्रीन टी-शर्ट ले लेना। हम दो दिन खंडाला ठहरेंगे। बुकिंग का कन्फर्म करके बताती हूँ आपको।'

पंकज -' मेरे लिए एक एक पल काटना मुश्किल हो गया है। मैं बस तुम्हारी गोद में सर रख कर सो जाना चाहता हूँ और जैसे तुम मुझे कविताए सुनाया करती थी।'

शालू -' पंकज, मैं मानती हूँ की मैंने गलती कर दी और तुम्हे समझ नहीं पायी।मैं भी तुम्हें अपने बाहों में ले लेना चाहती हूँ हमेशा के लिए। '

.

.

.

.

.

.

रवि ने मोबाईल साइड पर रख दिया। शालू नहाकर बाहर आए उससे पहले उसने बेडरूम की लाइट बुझा दी और सोने का नाटक किया। अकल्पनीय तो यह था की इतने दिनों में शालू और रवि के बीच में भी सबकुछ सही तरह से चल रहा था। इतना ही नहीं शालू रवि से घंटो तक प्यार भरी बातें करती रहती। रातों को शालू और रवि एक दूसरे में घंटों तक खोये रहते। उस रात भी शालू ने नहा कर रेड लेस वाली नाईटी पहन ली। वो रवि के बगल में आकर उसे चूमने लगी। रवि समझ नहीं पा रहा था एक ही लड़की दो लोगो के साथ यह सब कैसे ???!!

दूसरे दिन रवि ऑफिस से हाफ-डे ले कर घर आया और उसने शालू को डिवोर्स पेपर थमा दिए। उसके पास शब्द नहीं थे बस कई सारे प्रश्न थे।

hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.