कहीं रूठना मनाना चल रहा है

इसी से तो ज़माना चल रहा है

गमों के दौर मे क्या अब कहें हम

लबों का मुस्कुराना चल रहा है

किराये का है ये जिस्म तेरा

जहां मे बस ठिकाना चल रहा है

न जाने जिंदगी कब रूठ जाये

सांसों का आना जाना चल रहा है

घरोंदे जो परिंदों ने बनाये

शिकारी का निशाना चल रहा है

वफा की बात अब तो मत ही करना

नया कोई बहाना चल रहा है

है झूठा इश्क वादे भी है झूठे

कि रिश्तों को निभाना चल रहा है

हैं चर्चे हर कहीं तो अब शहर में

नया सा आशिकाना चल रहा है

चमन जो तेरे दिल का है खिला सा

हवा से दोस्ताना चल रहा है

समझते बोझ हैं जो बेटियों को

उन्ही से तो ज़माना चल रहा है

दिखा के ख्वाब नींदों को चुराना

कि लहजा शायराना चल रहा है

नयी बातें नये अब तो तरीके

दिखावा तो पुराना चल रहा है

उठा के जाम पीते हैं दीवाने

गमों को ही भुलाना चल रहा है

किसी के पास खाने को नही कुछ

बहुत मुश्किल कमाना चल रहा है

बहुत कम दहेज लायी है जो दुल्हन

इसी बात पे जलाना चल रहा है

किसी को भी किसी से क्या है मतलब

यूँ ही तो आज़माना चल रहा है

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