गर्माहट: लप्रेक

एक फाख्ता जब उड़ा मुंडेर से, ख़ामोशी टूटी और अपने ही इतिहास से मै बाहर आया.
ठंडी हो चुकी चाय की दो चुस्कियाँ ली,
फिर महसूस हुआ, अब सबको ठंडा करना ही होगा.
पर जाने क्यों ठंडी चाय भी चुस्कियों में ही पी जाती है,
शायद गर्माहट उसके नाम में ही है.

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