पैडी की गर्ल-फ़्रैंड फ़िलोमिना पिक्कैडिल्ली पर खड़ी उसका बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी. सज-संवर कर पैडी बाहर निकलने ही वाला था कि मैनेजर ने उसे रोक लिया.

‘पैडी, ज़रा जाते-जाते मिस कूपर को ये नोट थमा देना प्लीज़,’ पैडी की शिफ़्ट ख़त्म हो चुकी थी किंतु मिस कूपर के काम के लिए कोई कैसे मना कर सकता था? उसने सोचा कि फ़िलोमिना पिक्कैडिल्ली पर उसका थोड़ी देर और इंतज़ार कर लेगी तो क्या फ़र्क पड़ेगा.

पूल के किनारे ईज़ी-चेयर में बैठी मिस कूपर अपने हैंडसम निदेशक से गप्पे मार रही थी. उसे स्विमिंग-कौस्टुयूम में देखकर पैडी के कानों से धुआं निकलने लगा पर मिस कूपर उसे एक नौकर से अधिक कुछ नहीं समझती थी इसलिए समझदारी से काम लेकर वह आज फ़िलोमिना को प्रोपोज़ करने जा रहा था; अंगूठी उसकी जेब में थी.

मिस कूपर की एक झलक के लिए होटल के सारे कर्मचारी किसी न किसी बहाने उसके कमरे में जाने को आतुर रहते थे किंतु जिस दिन से जिम्मी ने मिस-कूपर को उसके असली नाम ‘मिस-कपूर’ के नाम से सम्बोधित किया था, मैनेजर केवल पैडी पर ही भरोसा कर सकता था कि वह मिस-कूपर को प्रसन्न रखने में कामयाब होगा. शक्ल-शरीर से पैडी सलमान ख़ान से कम नहीं था और अख़लाक में तो उसके तोड़ का कोई था ही नहीं.

पैडी ने खंखारकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाही किंतु उसकी उपस्थिति से बेख़बर मिस-कूपर अब भी बातों में तल्लीन थी. होटल के निठ्ठल्ले कर्मचारी आसपास इकट्ठे होकर पैडी की ख़ुशकिस्मती से रश्क करते हुए मिस-कूपर को निहार रहे थे.

तभी पूल में डूबता हुआ एक बच्चा सहायता के लिए चिल्लाने लगा. पूल-कीपर नदारद था. पूल में कूदकर पैडी अपना नया सूट बर्बाद नहीं करना चाहता था. वह तो बस मिस-कूपर को चिट पकड़ाकर वहां से भाग लेना चाहता था.

बेसब्र पैडी के ज़ोर से खंखारने पर मिस कूपर ने घबरा कर अपनी कुर्सी पीछे सरकाई ही थी कि धक्के से पैडी पूल में जा गिरा. मरता क्या न करता, वह बच्चे को पूल से बाहर ले आया. उसके नए सूट से झरने फूट रहे थे और उसे फ़िक्र हो रही थी कि ऐसी दशा में वह फ़िलोमिना के पास कैसे जाएगा और कहीं गुस्से में वो चली ही न जाए.

‘हाउ ब्रेव औफ़ यू,’ बड़े-बड़े अमीर लोग अपने हाथ पैडी के गीले हाथ से मिलाते हुए उसकी तारीफ़ कर रहे थे.

‘माइ हीरो,’ कहती हुई मिस-कूपर अपने ख़ुश्बूदार तौलिए से पैडी के बाल पोंछ रही थी.

‘चौप-चौप’ कहते हुए मिस-कूपर ने मैनेजर को पैडी के लिए गर्म-गर्म चाय मंगवाने के लिए कहा. इस बीच, पत्रकारों ने मिस-कूपर और पैडी के सैंकड़ों फ़ोटोज़ खींच लिए जो कल के समाचार-पत्रों के मुख्य पृष्ठ की शोभा बनेंगे.

पैडी से सटी हुई मिस-कूपर अपने हाथों से उसे चाय पिला रही थी. निठ्ठल्ले कर्मचारी पैडी की ख़ुशकिस्मती से रश्क करते हुए मिस-कूपर को निहारते हुए आहें भर रहे थे और मैनेजर सोंच रहा था कि नोट वह स्वयं ही लेकर मिस-कूपर के पास गया होता तो...

फ़िलोमिना पिक्कैडिल्ली पर पैडी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी.

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