ताई

रतन चंद 'रत्नेश'

ताई
(18)
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सारांश

बांग्ला के सुप्रसिद्ध कथाकार बनफूल की इस कहानी में 'ताई' का चित्रण बेहद खूबसूरती से हुआ है. कहानी की स्वाभाविक सरलता मन को बाँधती तो है ही, इसका कथ्य अमिट छाप छोड़ जाता है.
Anita Rawat
'लेखन के बाज़ार में भी तेजी- मंडी बनी रहती है . यहाँ भी तरह- तरह के षड्यंत्र रचे जाते हैं. ' ताई पर केंद्रित इस कहानी में लेखक ने संदर्भानुसार यह भी सच उद्धघाटित कर दिया है .
santosh soni
घर के बड़े बुजुर्ग ऐसे ही होते हैं और हम भी |
Neerja Rastogi
bahut marmsparshi kahani
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