पोस्टमास्टर

रतन चंद 'रत्नेश'

पोस्टमास्टर
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सारांश

गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की यह चर्चित कहानी सामान्य से एक गाँव में नवनियुक्त एक पोस्टमास्टर की है जो अब तक कोलकाता महानगर में रहता आया था . शुरू में उसका मन वहाँ नहीं लगता परंतु धीरे-धीरे गाँव का प्राकृतिक परिवेश उसे बाँध लेता है. एक अनाथ बालिका रतन उसका का कामकाज कर दिया करती है. फिर पोस्टमास्टर अनपढ़ बालिका को पढ़ने लगता है और इस तरह कहानी आगे बढ़ती चली जाती है .
Shalini
marmik
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Anil.
सुन्दर
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रौशन
शानदार
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Pushkar Singh
बहुत अच्छी लगी
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santosh
मन में गहरी छाप छोड़ता है कहानी का अंत| अनुवाद उम्दा है |
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साहित्य
प्रभावशाली कहानी
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