सच्चे चेहरे झूंटे चेहरे

राजेश मंथन

सच्चे चेहरे झूंटे चेहरे
(13)
पाठक संख्या − 374
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सारांश

बॉलीवुड गीतकार एवं कवि ..
साहिल सुलतानपुरी
अपप्रतिम रचना
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Anand Kumar
उत्कृष्ट ग़ज़ल, अति उत्तम शायरी
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Vijay Verma
Bahot badhiya Manthan ji
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Bittoo Singh
इस ग़ज़ल के द्वारा दुनिया के हर तरह के चेहरे को बहुत अच्छी तरह उजागर किया है। दिल को छू लिया । बधाई हो ।
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Sanjeev Khanna
Nice work Rajesh ji Keep it up
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Suresh Nair
Nice gazal
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Yugraj King
उम्दा ग़ज़ल । मुबारकां ।
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Sham Balkar
Very nice ghazal..... congrats Rajesh manthan
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Anamik Chauhan
Great thought ..beautifully written
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