छलावा

रीत शर्मा

छलावा
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सारांश

सर्दी की गुमसुम सुनसान रात और बारिश रुक रुक कर हो रही थी सड़क पर दूर दूर तक कोह्र्रे की चादर थी चारो तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था ऐसी अँधेरी रात मैं वरुण अकेले ही निकल पड़ा था आज उसके पक्के दोस्त पंकज का जन्मदिन था और उसने सभी दोस्तों को अपने फार्महाउस पर पार्टी दी थी वह शराब और शाबाब का पूरा इन्तजार था वरुण का प्रोग्राम अगले दिन सुबह निकलने का था पर 
Maya Singh
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shipra
nice lesson for him
Praveen Tiwari
महा बकवास कहानी हहहहहहह
sumeet
kahani badhiya h. aisa laga jese koi film chal rhi ho..
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Suhail Iqbal
hmm Dara Diya apne😁
मयुर भूषणवार
ठरकी वरुण😂 स्टोरी अछि है
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