द्रोण का सपना

प्रभु दयाल मंढइया

द्रोण का सपना
(4)
पाठक संख्या − 58
पढ़िए

सारांश

सरकारी तंत्र में भारत की प्राचीन संस्कृति के नाम पर हो रहे भ्र्ष्टाचार एवं दुर्गति को उजागर करने का प्रयास .
Raju Prajapat
bhut sundar or modern education system ki kamiyon ko ujagar karti huyi
Monu Bhai
good
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.