सीख

नीतू सिंह

सीख
(31)
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सारांश

हमने दूसरों के लिए जाने क्या-क्या मापदंड बना रखे हैं, ऐसी-ऐसी कसैटियाँ जिन पर हम खुद कसा जाना पसंद नहीं करेंगे। इन मानसिक दीवारों को ढहाना आखिर हम कब सीखेंगे?
Santosh Upadhyay
बेहद खूबसूरत
धनंजय कुमार
कहानी का कथानक सही है लेकिन दृष्टांत की अधिकता कहानी को बेकार कर रही है।
Namrata Thakur
बेहतरीन कहानी
Kamlesh Kumar Rawat
Bahut shaandaar kahani.... Kahani Padte samay Mann ke bhaav idhar udhar hote rahe....
lekhdas swami
बहुत ही मार्मिक व शिक्षाप्रद व समाज के एक तबके पर प्रहार करने वाली ज्यादातर घटित होने वाली एक आत्मकथा जैसी कहानी 👌👌👌
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