हवा

नीतू सिंह

हवा
(57)
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सारांश

शशांक भूत-प्रेतों में विश्वास नहीं रखता। ऐसी बातें करने के लिए अपनी माँ का भी मज़ाक उड़ाया करता था। वह एक बिंदास, बेबाक, हँसमुख लड़का था। मगर उसकी हँसी उस दिन गायब हो गई जिस दिन...।
Subhash Jha
sotry would be good if completed.. try to make climax more entertaining. it was like u made tasty biryani and Instead of putting it in mouth u just showed digested biryani(poop)
sunny gupta
really very good...
Kamlesh Sharma
kahani puri kijiye part 2 likhiye kya hua us ghtana k baad
ravindra singh
थोड़ी और डरावनी हो सकती थी फिर भी अच्छा प्रयास
श्रेय माथुर
pehle me khne vala tha ki story incomplete h pr phir samajh aaya iske adhurepan me hi pura hona h bhabhi ka chudail bnna jo ek raaz h pr yhi raaz ise or rahsymay bna deta h its a good story
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