बयान से परे

नीलम कुलश्रेष्ठ

बयान से परे
(9)
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टिप्पणी

Amit
लम्बी और बकवास
Vivek
plz end likha kare, last endless hota he to pura maja kharab ho jaata he
Neha
bekar....nothing
ब्रजेंद्रनाथ
एक सस्पेंस से भरी कहानी!
प्रदीप
बकवास
रिप्लाय
मंजू
बहुत ही रोमांचक कहानी...दिमाग में शोर मचाती...सही -गलत, माने या ना माने के 'सी-सो' पर झुलाती...... बिलकुल 'बयां से परे' हैं इसकी खूबियाँ...लेखिका को इस कहानी  की बुनावट के लिए बहुत बहुत बधाई...
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