महिमा श्री
प्रकाशित साहित्य
22
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980

परिचय  

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सारांश:

शिक्षा :- एम.सी.ए, एम जे. लेखन विधाएँ :- अतुकांत कविताएँ, ग़ज़ल, दोहें, कहानी, यात्रा-वृतांत, सामाजिक विषयों पर आलेख , समीक्षा साहित्यिक गतिविधियाँ:-एकल काव्यसंकलन अकुलाहटें मेरे मन की, अंजुमन प्रकाशन 2015, साझा काव्य संकलन “त्रिसुन्गंधी” , “परों को खोलते हुए-१”, “ सारांश समय का” , “काव्य सुगंध -2” “कविता अनवरत-3” में रचनाएँ शामिल, देश के विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में यथा सदानीरा, सप्तपर्णी, सुसम्भाव्य,आधुनिक साहित्य ,अंजुमन ,अटूटबंधन, खुशबू मेरे देश की, इ-पत्रिका- शब्द व्यंजना, जय-विजय आदि में रचनाएँ प्रकाशित, अंतर्जाल और गोष्ठीयों में साहित्य सक्रियता , सामाजिक कार्यों में सहभागिता सम्प्रति :पब्लिक सेक्टर में सात साल काम करने के बाद (मार्च २००७-अगस्त २०१४) वर्तमान में स्वतंत्र लेखन, पत्रकारिता , नई दिल्ली Blogs:www.mahimashree.blogspots.com  


देवकीनंदन खत्री

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