सरोकार और सृजन

डॉ. महेन्द्र भटनागर

सरोकार और सृजन
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सारांश

महेंद्र भटनागर जी की कविताएँ एक ऐसे रचनाकार की फलश्रुति है जिसने समय से सीधे आँखे मिलते हुए , समय के एक एक तेवर को जाना और उसको शब्दों में बाँधा  है।  उनकी कविताओ की शरुआती दौर से ही यह विशेषता रही है की कविताओं में भोगे और अर्जित किये गए अनुभव-संवेदनों को  ही उन्हों ने तरजीह दी है. 
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