लव आजकल

जुनैद चौधरी

लव आजकल
(225)
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सारांश

हाँ मुझे ये भी याद है उस दिन तुम्हारे स्कूल में पेरेंट्स मीटिंग थी। और तुम जल्दी छुट्टी लेकर मुझसे मिलने रेस्तरॉ आयी थी। उस दिन भी बादल आज ही की तरह मस्ती में था और हलके हलके मोतियों की बौछार कर रहा था। तुम्हारी बड़ी बड़ी पलकों पर वो मोती बेहद खूबसूरत लग रहे थे। और तुमको देख के में बस इतना कह पाया था। लॉन्ग ड्राइव पर चले।। और तुम ने हां में सर हिलाया और मेरी दोस्त से उधार ली हुई स्कूटी पर बैठ गयी थी।। मौसम खुशगवार था। और उस पर ठंडी ठण्डी बूंदो के बीच तुम्हारी सांसो की गर्माहट। उस दिन इत्तेफ़ाक़ की मुलाकात की वजह से में तुम्हारे लिए कुछ ला नही पाया था।। सिवाये उस गुलाब के जो तुमने आज तक बेहद सम्भाल के रखा है।।में जानता हूँ अब इस सब का कोई मतलब नही।। लेकिन बस इस बारिश ने फिर से पुरानी यादें ज़िंदा कर दी।
सुंदर कहानी
Abhishek Singh
aaj k jamane ki ... hakikat yahi hai..ladki dhokha deti hi hai😂😂💘
Kärthîk Sony
sahi hai #Junaid bhai seedhe dil pe lagi 😢
Bheemsingh Roy
ek dum aaj ki kahaani hai Mazzaa aa gya
Bimal Raturi
wahiyat kahani... personal khunddak likhi lag rhi hai
Anky
accha short kahani hai.
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