हास्टल में भूत

प्रभाकर पांडेय

हास्टल में भूत
(22)
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सारांश

जी, हाँ! प्रभाकर गोपालपुरिया एक नई रोमांचक भूतही कहानी लेकर हाजिर है। इस कहानी में- कॉलेज के हास्टल में रहने वाला एक लड़का मरने के बाद भी हास्टल में अपने सहपाठियों के साथ रहने आ जा रहा है और जब उसके सहपाठियों को यह बात पता चलती है तो उन पर क्या गुजरती है? इस कहानी की रहस्यमय घटनाएँ आपको बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देंगी और साथ ही आपके रोंगटे भी खड़े हुए बिना नहीं रह पाएंगे। कहानी शुरू करने से पहले, दो बातें- शायद आप भूत-प्रेत में विश्वास न करते हों? यह भी सत्य है कि आधुनिक वैज्ञानिक युग में कुछ चीजों का अस्तित्व केवल इसलिए नहीं माना जाता कि विज्ञान उसे अपनी कसौटियों पर कसता है और अपने निर्णय सुना देता है। अभी भी विश्व कुछ ऐसी रहस्यमय चीजों, बातों से पटा पड़ा है, जहाँ विज्ञान अपने ज्ञान को ही भूल जाता है और वह उस रहस्यमयता से परदा नहीं उठा पाता। खैर हम तो बस इतना ही जानते हैं कि अगर ईश्वर, भगवान का अस्तित्व है तो भूत-प्रेतों का क्यों नहीं? खैर आप मनोरंजन, रहस्यमयता, रोमांच, भूत-प्रेतों की दुनिया एवं उनके कारनामों के लिए पढ़ते रहें “भूत-प्रेत की कहानियाँ!!”
Rahimudin
Aaj raat ko akela nhi soonga
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धर्मेंद्र
अक्सर दादा दादी इस तरह की कहानियां सुनाया करते थे .... अब सही है या गलत ये तो वही जाने या भगवान ...इस मामले में हम तो हैं नादान...?
ashu_raval
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Sonam
aisi ghatnaye sunne ko milti rahti h,such h ya jhut pta nhi.
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lalit Kumar
मजा नहीं आया। बहुत छोटी कहानी थी।
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