मासूम सबक

डॉ. बीना राघव

मासूम सबक
(20)
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सारांश

ओहो पापा जी! आप कैसे खाना खाते हो? आज फिर गिरा दिया। समीर देखो न।" सुरभि लगभग चिल्लाकर बोली। समीर ने उखड़ी निगाहों से दादाजी को देखा। दादाजी ने खुद को कंपकपाते हाथों से संभालने की बहुत कोशिश की मगर बुढ़ापे का शरीर... लाचारी का नाम है...बूढ़ा बाप जो किसी समय.....जैसा हम अपने बड़ों के साथ करते हैं , वैसे ही हमारे बच्चे हमारे साथ करें तो ......
JAGRITI SHUKLA
बहुत ही अच्छा लगा
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मधुलिका साहू
अच्छी।आज का सत्य
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Saurabh Sharma
Nice
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