सारांश

वह किरण थी. . .प्रातः उगते सूरज की मनभावन किरण की तरह...। शांत, सौम्य चेहरे की स्निग्धता और उसके घने लंबे केश किसी देव कन्या का अहसास कराते थे। किरण को इस घर में ब्याह के आए अभी दो वर्ष ही हुए थे किंतु .................. पढ़िए औरत की वेदना की एक और सच्ची कहानी जो हमें सोचने पर विवश कर देती है कि हम भले ही दूसरे ग्रहों पर घर बना लें पर कुछ लोगों की सोच वही दकियानूसी रहेगी .वे औरत का शोषण करने से बाज़ नहीं आयेंगे ......
Aaliya
very nice
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Surekha
bahut khoob
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