ठौर

दिव्या शुक्ला

ठौर
(112)
पाठक संख्या − 4393
पढ़िए
Vimal Shukla
story padh Kar aankho me aasoon aa gaye
Anjali Singh
Heart touching story
शालिनी अग्रवाल
kahan kho gaye hain humaare naitik mulya !!
धर्मेंद्र विश्वकर्मा
कहानी के माध्यम से आपने आज की हकीकत बहुत बेहतरीन तरीके से बताया है ..... आखिर इंसान की मानसिकता इतनी क्यों बदल रही है , लोग ये क्यों भूल रहे हैं........ कि कल उनको भी तो बूढ़े होना है...?
Raj Gupta
अंतर्मन को छू गयी यह कहानी । कहने को एक कहानी है, पर हमाने आधुनिक समाज का घिनौना सच है।
Sandhya Mathur
हकीकत से
Prakarti
aaj insaan bhavna rahit ho gya h.
कल्पना भट्ट
बेहद सुन्दर ।
rashmi
मार्मिक ......
yogesh manral
very nice and hearth touching
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